शुरुआत करना

मोबाइल डिवाइस के लिए साइट बनाते समय मुझे किन तीन खास चीज़ों की जानकारी होनी चाहिए?

1. ग्राहकों के लिए आसान बनाएं.

अपनी साइट पर आने वालों के मकसद पूरे करने में मदद करें. शायद उनका मकसद आपकी ब्लॉग पोस्ट से मनोरंजन करना हो, आपके रेस्टोरेंट का पता जानना हो या आपके उत्पादों की समीक्षाएं देखना. Walgreens GVP और eCommerce के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, अभि धर, बताते है कि "हमारा लक्ष्य मोबाइल पर की जाने वाली सभी चीज़ों के मामले में ग्राहकों का जीवन आसान बनाना है."

अपनी साइट को इस तरह से डिज़ाइन करें कि आपके ग्राहक रोजमर्रा के अपने ज़्यादातर सामान्य काम आसानी से पूरे कर सकें: काम के बारे में सोचने से लेकर आपकी साइट पर आकर अपनी सोच को पूरा करने तक.

यह पक्का करें कि मोबाइल डिवाइस पर काम आसानी से पूरे किए जा सकते हैं. इसके लिए ग्राहकों की ओर से उनकी ज़रूरत की कार्रवाई करने के दौरान उठाए जा सकने वाले कदमों की रूपरेखा बनाएं. इस्तेमाल करने के तरीके आसान बनाने और उपयोगकर्ता इंटरैक्शन कम करने की कोशिश करें. ये उदाहरण देखें: (1) ग्राहक लैंप खरीदने के लिए खोज करने के बाद किसी साइट पर क्लिक करता है; (2) लैंप पसंद करने के लिए ब्राउज़ करता है; और (3) अपनी पसंद का लैंप खरीदता है.

2. मोबाइल ग्राहक कितनी आसानी से अपने सामान्य काम निपटा पाते हैं, इस हिसाब से अपनी वेबसाइट के असर का आकलन करें.

मोबाइल साइट बनाने के लिए प्राथमिकताएं तय करना ज़रूरी है. मोबाइल पर अपने ग्राहकों के लिए सबसे ज़्यादा अहमियत रखने वाले और सामान्य कामों का पता लगाते हुए शुरुआत करें. इन कामों का पूरा होना बहुत ज़रूरी है. इसी से पता चलता है कि आपकी मोबाइल साइट पर आकर ग्राहक कितने बेहतर तरीके से अपने मकसद पूरे कर सकते हैं. ऐसे कई तरीके हैं जिनकी मदद से आप साइट को आसानी से इस्तेमाल करने लायक भी बना सकते हैं. सभी डिवाइस पर अपनी साइट का इंटरफ़ेस एक जैसा रखने और एकीकृत अनुभव मुहैया कराने पर खास ध्यान दें.

MediaPost के मुताबिक "मोबाइल शॉपिंग साइटों के मामले में, मोबाइल पर खरीदारी करने वाले लोगों के लिए आसानी से इस्तेमाल किए जा सकने की सुविधा काफ़ी मायने रखती है. जवाब देने वाले 48% लोगों के हिसाब से यह उस मोबाइल साइट की सबसे अहम क्वालिटी है जिस पर वे जाते हैं."

3. ऐसा मोबाइल टेम्प्लेट, थीम या डिज़ाइन चुनें जो सभी डिवाइस पर कारगर हो (यानी, रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन का इस्तेमाल करें).

"रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन" या आरडब्ल्यूडी का मतलब यह है कि पेज समान यूआरएल और समान कोड का इस्तेमाल करता है. इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है कि इस्तेमाल करने वाला डेस्कटॉप कंप्यूटर पर है, टैबलेट पर है या मोबाइल फ़ोन पर. सिर्फ़ डिसप्ले ही स्क्रीन के आकार के हिसाब से बदलता है या “जवाब देता है”. Google दूसरे डिज़ाइन पैटर्न के बजाय आरडब्ल्यूडी का इस्तेमाल करने का सुझाव देता है. आरडब्ल्यूडी का एक फ़ायदा यह है कि आपको साइट के दो वर्शन के बजाय सिर्फ़ एक वर्शन बनाए रखना होगा (यानी, आपको www.example.com पर डेस्कटॉप साइट और m.example.com पर मोबाइल वर्शन को नहीं बनाए रखना होगा. आप डेस्कटॉप और मोबाइल विज़िटर के लिए सिर्फ़ एक साइट, जैसे कि www.example.com को बनाए रखेंगे).

रिस्पॉन्सिव साइट एक ही यूआरएल और कोड का इस्तेमाल करते हुए अलग-अलग आकार की स्क्रीन के लिए डिस्प्ले में बदलाव करती है. ऊपर बताए तीनों डिवाइस www.example.com का इस्तेमाल करते हैं (न कि m.example.com पर मोबाइल पेज, t.example.com पर टैबलेट पेज वगैरह का).

"आरडब्ल्यूडी का इस्तेमाल करने से Baines & Ernst को कई वेबसाइट बनाए बिना अलग-अलग आकार की स्क्रीन पर अपना साइट अनुभव ऑप्टिमाइज़ करने की सुविधा मिली है. उन्होंने पाया कि वेबसाइट पर आने वालों ने हर विज़िट में उनकी साइट पर 11% ज़्यादा पेज देखे और मोबाइल कन्वर्ज़न 51% तक बढ़ गया."

"कन्वर्ज़न" तब होता है जब ग्राहक कोई मनचाही कार्रवाई करता है जैसे कि उत्पाद खरीदना, कारोबार को कॉल करना या न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करना.

रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन लागू करने के तरीके के बारे में जानकारी के लिए, वेब की बुनियादी बातें पर डेवलपर सामग्री देखें. अगर आप मोबाइल, टैबलेट और डेस्कटॉप वेबसाइटें के लिए अलग-अलग इस्तेमाल के फ़ायदों और नुकसान का आकलन करना चाहते हैं, तो मल्टी-स्क्रीन उपभोक्ता के लिए वेबसाइट बनाना पढ़ें.

किन तीन सबसे खास गलतियों से शुरुआत करने वाले बचना चाहते हैं?

पहली गलती - अपने मोबाइल ग्राहकों को भूल जाना.

याद रखें कि अच्छी मोबाइल साइटें उपयोगी होती हैं – उनसे वेबसाइट पर आने वालों को अपने काम पूरे करने में मदद मिलती है, चाहे वे कोई दिलचस्प लेख पढ़ रहे हों या आपके स्टोर की जगह के बारे में देख रहे हों. सिर्फ़ मोबाइल पर काम करने वाली साइट (जो मोबाइल पर बेहतरीन दिखती हो) बनाने में ही न उलझें क्योंकि इसमें सभी उपयोगी फ़ंक्शन शामिल नहीं होते हैं. इसके बजाय, मोबाइल-फ़्रेंडली साइट (जो मोबाइल ग्राहकों के लिए वाकई उपयोगी हो और उनके सबसे सामान्य कामों के लिए ऑप्टिमाइज़ की गई हो) बनाने पर ध्यान दें.

दूसरी गलती - डेस्कटॉप साइट से किसी दूसरे डोमेन, उप-डोमेन या उपनिर्देशिका पर मोबाइल साइट लागू करना.

हालांकि, Google एक से ज़्यादा मोबाइल साइट कॉन्फ़िगरेशन की सुविधा देता है, लेकिन अलग-अलग मोबाइल यूआरएल बनाने से साइट के रखरखाव और अपडेट के ज़रूरी काम काफ़ी बढ़ जाते हैं. साथ ही, तकनीकी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं. आप रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन (आरडब्ल्यूडी) का इस्तेमाल करके और एक ही यूआरएल पर डेस्कटॉप और मोबाइल पेश करके अक्सर चीज़ों को आसान बना सकते हैं! रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन Google का सुझाया गया कॉन्फ़िगरेशन है.

तीसरी गलती - आस-पास से प्रेरणा पाने के बजाय अलग रहकर काम करना.

प्रेरणा और सबसे अच्छे तरीकों के लिए अपने या आपसे मुकाबला करने वालों के स्थान में दूसरी साइटें देखें. हालांकि, हो सकता है कि आप अपने उद्योग में मोबाइल साइट वाले पहले व्यक्ति न हों, लेकिन आपको अपने से पहले के लोगों से सीखने का फ़ायदा मिल सकता है. मोबाइल प्लेबुक और Google की मल्टी-स्क्रीन वाली सफलता की कहानियों में ऐसी ही कई चीज़ों के बारे में बताया गया है.

डेवलपर के साथ काम करते समय मुझे क्या सोचना चाहिए?

अपनी मोबाइल-फ़्रेंडली साइट बनाने के मकसद से किसी डेवलपर के साथ काम करते समय अच्छा नतीजा पक्का करने के लिए आगे बताए गए कदमों का पालन करें.

1. अपने डेवलपर का परिचय देने वालों और मोबाइल वेबसाइटों का पोर्टफ़ोलियो देखने के लिए कहें.

पूछें कि आपके डेवलपर के पास रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन (आरडब्ल्यूडी) का अनुभव है या नहीं. अगर आपके पास सिर्फ़-डेस्कटॉप साइट है, तो पता लगाएं कि क्या आपके डेवलपर ने किसी डेस्कटॉप साइट को रिस्पॉन्सिव साइट में बदला है. उनकी बनाई दूसरी साइटें देखें. डेवलपर का परिचय देने वालों और पहले के ग्राहकों से बात करके पता लगाएं कि वे डेवलपर के बारे में कैसा महसूस करते हैं. आप डेवलपर का पोर्टफ़ोलियो देखने के लिए Google के PageSpeed Insights जैसे टूल इस्तेमाल कर सकते हैं. PageSpeed Insights ऐसी चीज़ों को हाइलाइट करता है जो किसी पेज की गति को रोकते हैं या पेज की उपयोगिता को नुकसान पहुंचाते हैं.

वेब की बुनियादी बातें ने गति और उपयोगकर्ता अनुभव दोनों के लिए PageSpeed Insights मोबाइल टेस्ट पास कर लिया है.

2. अच्छी तरह से देख दें कि डेवलपर आपके मोबाइल ग्राहकों को समझता है.

डेवलपर को अपने कारोबार के बारे में बताएं. साथ ही, उनको वे सबसे सामान्य काम मुहैया कराएं जिन्हें आप मोबाइल साइट पर ऑप्टिमाइज़ करना चाहते हैं. पक्का करें कि वे मोबाइल ग्राहकों की ज़रूरत के फ़ंक्शन के हिसाब से काम करने वाली साइट बनाते हैं.

3. अपने डेवलपर को गति का वादा निभाने के लिए कहें.

ग्राहकों को ब्राउज़र पर आपका पेज लोड होने के लिए ज़्यादा देर तक इंतज़ार न कराएं. पता करें कि क्या आपका डेवलपर PageSpeed Insights (ऊपर ज़िक्र किया गया टूल) के बारे में जानता है. साथ ही, क्या वह पेज के तेज़ी से लोड होने में मदद करने वाली तकनीकों से परिचित है. आपके अनुबंध में WebPagetest के अनुसार आपसे मुकाबला करने वाले दूसरे लोगों जितनी ही तेज़ी से पेज "रेंडरिंग" शामिल हो सकती है. अगर यह बहुत कठिन है, तो हरे चेकमार्क वाले ऐसे PageSpeed Insights नतीजे के तौर पर उनसे वादा लें जिसमें "ठीक किया जाना चाहिए" मार्क वाली कोई भी समस्या न हो. (अगर पेज को हरा चेकमार्क नहीं मिलता है, तो समस्या को ठीक करने की लागत और फ़ायदों का आकलन करने का काम आप और आपके डेवलपर का है.) मोबाइल पेज की गति पर ज़्यादा जानकारी पाने के लिए आप "मोबाइल वेबसाइट की परफ़ॉर्मेंस में झटपट सुधार" वीडियो देख सकते हैं.

4. क्या आपके डेवलपर ने वेब एनेलिटिक्स इंस्टॉल किया है.

वेब एनेलिटिक्स जैसे कि Google Analytics इंस्टॉल करें, ताकि आप अपनी साइट की परफ़ॉर्मेंस के बारे में इकट्ठी दिखाई जाने वाली जानकारी हासिल कर सके.

5. पक्का करें कि आप और आपके डेवलपर को Google के वेबमास्टर दिशानिर्देशों के बारे में पता है.

Google के आपकी साइट की सामग्री को ढूंढने, तैयार करने और उसे रैंक करने के तरीके पर जानकारी दिशानिर्देशों में दी गई है.

6. पक्का करें कि आपके अनुबंध में शुरूआती लॉन्च के बाद अपनी साइत को बेहतर बनाना शामिल है.

आप शायद ग्राहकों से सुझाव और वेब एनेलिटिक्स से डेटा इकट्ठा करना चाहें जिसे आप अपनी साइट को और भी बेहतर बनाने के लिए शामिल करना चाहेंगे.

आप सुझाए गए मोबाइल और मल्टीस्क्रीन विक्रेताओं की Google AdWords सूची पर विचार कर सकते हैं. मोबाइल वेबसाइट लागू करने के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए मोबाइल SEO पर हमारे दस्तावेज़ देखें.

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