अफ़िलिएट प्रोग्राम

हमारी वेबमास्टर गाइडलाइन आपको ओरिजनल कॉन्टेंट वाली ऐसी वेबसाइटें बनाने की सलाह देती हैं जो उपयोगकर्ताओं के लिए ज़्यादा काम की हों. यह खास तौर पर उन साइटों के लिए ज़रूरी है जो अफ़िलिएट प्रोग्राम में शामिल होती हैं. आम तौर पर, अफ़िलिएट वेबसाइटों पर दिखने वाले प्रॉडक्ट की जानकारी, अफ़िलिएट नेटवर्क की सभी साइटों पर दिखती है. इससे, Google के खोज नतीजों में उन साइटों की रैंकिंग पर असर पड़ सकता है जिनका ज़्यादातर कॉन्टेंट, अफ़िलिएट नेटवर्क में शामिल दूसरी साइटों से लिया गया होता है. इसकी वजह यह है कि इन साइटों में कोई ऐसा नया कॉन्टेंट नहीं होता जो इन्हें वेब पर मौजूद दूसरी साइटों से अलग दिखा सके. नई जानकारी का मतलब है नया कॉन्टेंट या सुविधाएं, जैसे कि प्रॉडक्ट की कीमत, उसे खरीदने की जगह या उसकी कैटगरी के बारे में बेहतर जानकारी.

Google को लगता है कि ऐसी प्योर या "थिन" अफ़िलिएट वेबसाइटों (अलग से कोई जानकारी न देने वाली साइटों) से वेब उपयोगकर्ताओं को कोई नई जानकारी नहीं मिलती है. खास तौर पर, ऐसा तब होता है (इसके अलावा भी हो सकता है), जब वे ऐसे कार्यक्रम का हिस्सा हैं जो सभी अफ़िलिएट वेबसाइटों को अपना कॉन्टेंट डिस्ट्रिब्यूट करता है. ये साइटें अक्सर कुकी-कटर साइट या टेंप्लेट की तरह दिखती हैं, जो एक ही कॉन्टेंट या उससे मिलते-जुलते कॉन्टेंट को उसी साइट में या बहुत सारे डोमेन या भाषाओं में बार-बार दिखाती हैं. इनका कॉन्टेंट एक जैसा होने की वजह से, खोज नतीजों का पेज इनमें से कई साइटों को बार-बार दिखाता है. इसलिए, थिन अफ़िलिएट साइटों पर उपयोगकर्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है.

थिन अफ़िलिएट के उदाहरण:

  • प्रॉडक्ट अफ़िलिएट लिंक वाले ऐसे पेज जिन पर प्रॉडक्ट की जानकारी और समीक्षाओं को मूल व्यापारी/कंपनी की साइट से सीधे कॉपी किया जाता है. इन पेजों पर कोई ओरिजनल कॉन्टेंट या नई जानकारी नहीं होती है.
  • साइट के ज़्यादातर हिस्सों को अफ़िलिएट प्रोग्राम के हिसाब से बनाया जाता है. इनमें उपयोगकर्ताओं के लिए, सीमित मात्रा में ओरिजनल कॉन्टेंट या नई जानकारी को शामिल किया जाता है.

अफ़िलिएट प्रोग्राम में शामिल होने वाली हर साइट, थिन अफ़िलिएट नहीं होती है. अच्छे अफ़िलिएट अलग-अलग विकल्प देकर वेबसाइटों को बेहतर बनाते हैं. इनमें, ओरिजनल प्रॉडक्ट की समीक्षाएं, रेटिंग, प्रॉडक्ट या कैटगरी तक नेविगेट करने का तरीका, और प्रॉडक्ट की तुलना जैसे विकल्प शामिल हैं. अगर आप किसी अफ़िलिएट प्रोग्राम में हिस्सा लेते हैं, तो ऐसे बहुत से तरीके हैं जिन्हें अपनाकर आप अपनी साइट को बिल्कुल खास और दूसरी साइटों से अलग दिखा सकते हैं:

  • अगर कॉन्टेंट की मदद से अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, तो अफ़िलिएट प्रोग्राम से जुड़ा कॉन्टेंट आपकी साइट पर मौजूद कॉन्टेंट का एक छोटा सा हिस्सा होना चाहिए.
  • खुद से पूछें कि कोई उपयोगकर्ता सीधे मूल व्यापारी/कंपनी की साइट पर जाने के बजाय, पहले आपकी साइट पर क्यों आना चाहेगा. पक्का करें कि आप अपनी साइट पर, मूल व्यापारी/कंपनी से मिले कॉन्टेंट को दोबारा प्रकाशित करने के अलावा, उसमें कोई नई जानकारी भी जोड़ें.
  • अफ़िलिएट प्रोग्राम को चुनते समय, अपनी ऑडियंस के हिसाब से सही प्रॉडक्ट कैटगरी चुनें. अफ़िलिएट प्रोग्राम आपकी साइट के कॉन्टेंट के हिसाब से जितना सटीक होगा, यह साइट के लिए उतना ही फ़ायदेमंद रहेगा. साथ ही, इससे Google के खोज नतीजों में आपकी साइट को बेहतर रैंकिंग मिलेगी और प्रोग्राम से पैसे कमाने की संभावना बढ़ जाएगी. उदाहरण के लिए, शिमला में हाइकिंग से जुड़ी साइट किसी ऐसे सप्लायर के साथ अफ़िलिएट पार्टनरशिप कर सकती है जो ऑफ़िस की चीज़ों के बजाय हाइकिंग करने वाले जूते बेचता हो.
  • अपने उपयोगकर्ताओं को एक समुदाय के तौर पर साथ लाने के लिए, अपनी वेबसाइट का इस्तेमाल करें. इससे आपको अच्छे पाठक मिलेंगे. साथ ही, आप जिस विषय पर लेख लिख रहे हैं उसके बारे में जानकारी का एक स्रोत भी बना पाएंगे. उदाहरण के तौर पर, चर्चा के लिए फ़ोरम, उपयोगकर्ता की दी गई समीक्षाओं, और ब्लॉग से ऐसा खास कॉन्टेंट मिलता है जो उपयोगकर्ताओं के लिए काम का होता है.
  • अपने कॉन्टेंट को अपडेट करते रहें, ताकि वह वेबसाइट पर आने वाले लोगों के काम आ सके. अगर आप पेज पर विषय से जुड़ी नई जानकारी जोड़ते हैं, तो Googlebot के आपके कॉन्टेंट को क्रॉल करने और उपयोगकर्ता के इस पर क्लिक करने की संभावना बढ़ जाती है.

Google के खोज नतीजों में, प्योर (थिन) अफ़िलिएट साइटों की रैंकिंग ज़्यादातर अच्छी नहीं होती है. ये ऐसी साइटें होती हैं जिनका कॉन्टेंट वेब पर कई जगहों पर दिखता है. इतना ही नहीं, सर्च इंजन भी ऐसी साइटों को गलत समझ सकते हैं. उपयोगकर्ताओं के लिए ऐसा कॉन्टेंट अच्छा होता है जो सबसे अलग और काम का हो. इसके अलावा, यह आपकी साइट को दूसरी अफ़िलिएट साइटों से अलग करता है. इससे, Google के खोज नतीजों में आपकी साइट की रैंकिंग बेहतर होने की संभावना बढ़ जाती है.