पैसे लेकर साइट पर डाले गए लिंक

Google और ज़्यादातर सर्च इंजन प्रतिष्ठा तय करने के लिए लिंक का इस्तेमाल करते हैं. Google के खोज नतीजों में किसी साइट की रैंकिंग, कुछ हद तक उन साइटों के विश्लेषण पर आधारित होती है जो उससे लिंक होती हैं. लिंक आधारित विश्लेषण किसी साइट के मान को मापने का बहुत कारगर तरीका है. वेब खोज की क्वालिटी को बेहतर करने में यह काफ़ी मददगार साबित हुआ है. इस रेटिंग में लिंक की संख्या और खास तौर पर उनकी क्वालिटी, दोनों को बहुत ज़रूरी माना जाता है.

हालांकि, कुछ एसईओ के जानकार और वेबसाइट के मालिक, PageRank में पास होने वाले लिंक खरीदने और बेचने का काम करते हैं. वे लिंक की क्वालिटी, स्रोत, और उनकी साइटों पर लंबे समय तक पड़ने वाले असर की परवाह किए बिना ऐसा करते हैं. PageRank में पास होने वाले लिंक खरीदना या बेचना, Google की वेबमास्टर गाइडलाइन का उल्लंघन है. साथ ही, यह खोज के नतीजों में साइट की रैंकिंग पर बुरा असर डाल सकता है.

हालांकि, ऐसा ज़रूरी नहीं है कि पैसे लेकर साइट पर डाले गए सभी लिंक हमारे दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हों. विज्ञापन के मकसद से लिंक खरीदना और बेचना, वेब की इकॉनमी का सामान्य हिस्सा है, लेकिन ऐसा खोज के नतीजों में हेर-फेर के लिए नहीं किया जाना चाहिए. विज्ञापन के लिए खरीदे गए लिंक का इस्तेमाल, बिना किसी बदलाव के किया जाना चाहिए. यह इस्तेमाल कई तरह से किया जा सकता है, जैसे:

  • rel="nofollow" एट्रिब्यूट को <a> टैग में जोड़कर
  • लिंक को ऐसे इंटरमीडिएट पेज पर रीडायरेक्ट करना जिसे robots.txt फ़ाइल के ज़रिए सर्च इंजन पर दिखने से ब्लॉक किया गया हो

Google, यह पक्का करने की पूरी कोशिश करता है कि वह सर्च इंजन के नतीजों में हेर-फेर करने वाले लिंक पर पूरी तरह से रोक लगा दे. इनमें, लिंक की बहुत ज़्यादा अदला-बदली करने वाले और PageRank में पास होने वाले खरीदे गए लिंक शामिल हैं. अगर आपको कोई ऐसी साइट दिखती है जो PageRank में पास होने वाले लिंक खरीद या बेच रही है, तो हमें इसकी सूचना दें. हम आपकी जानकारी का इस्तेमाल, एल्गोरिदम से ऐसे लिंक की पहचान करने के तरीके में सुधार करने के लिए करेंगे.