क्लोकिंग

क्लोकिंग एक ऐसा तरीका है जिससे सर्च इंजन और उपयोगकर्ताओं को एक ही साइट का कॉन्टेंट या यूआरएल अलग-अलग तरीके से दिखाया जाता है. क्लोकिंग को Google की वेबमास्टर गाइडलाइन का उल्लंघन माना जाता है, क्योंकि इससे उपयोगकर्ताओं को वे नतीजे नहीं मिलते जो वे देखना चाहते हैं.

क्लोकिंग के कुछ उदाहरण यहां दिए गए हैं:

  • उपयोगकर्ताओं को इमेज या फ़्लैश का कोई पेज दिखाते समय, सर्च इंजन को एचटीएमएल टेक्स्ट वाले पेज दिखाना
  • पेज पर टेक्स्ट या कीवर्ड सिर्फ़ तब शामिल करना, जब पेज का अनुरोध करने वाला उपयोगकर्ता एजेंट एक सर्च इंजन हो, न कि वेबसाइट पर आने वाला कोई व्यक्ति

अगर आपकी साइट में ऐसी टेक्नोलॉजी शामिल हैं जिन्हें ऐक्सेस करने में सर्च इंजन को दिक्कत हो रही है, जैसे कि JavaScript, इमेज या फ़्लैश फ़ाइलें, तो इस कॉन्टेंट को सर्च इंजन और उपयोगकर्ताओं के लिए आसानी से बिना क्लोकिंग के ऐक्सेस करने लायक बनाया जा सकता है. ऐसा करने के लिए हमारे सुझाव देखें.

अगर कोई साइट हैक हो जाती है, तो ऐसे में हैकर अक्सर क्लोकिंग का इस्तेमाल करता है. इससे, साइट के मालिक को हैक के बारे में आसानी से पता नहीं चल पाता. हैक की गई साइटों के बारे में और पढ़ें.