मार्गदर्शक सिद्धांत

GTFS के मूल दूरदर्शिता को संरक्षित करने के लिए, विनिर्देश का विस्तार करते समय ध्यान में रखने के लिए कई मार्गदर्शक सिद्धांत स्थापित किए गए हैं:

फ़ीड को बनाना और उसमें बदलाव करना आसान होना चाहिए

हमने विनिर्देश के आधार के रूप में CSV को चुना है क्योंकि स्प्रेडशीट प्रोग्राम और लेख संपादक का उपयोग करके इन्हें देखना और इनमें बदलाव करना आसान होता है, जो कि छोटी एजेंसियों के लिए उपयोगी है. इसे ज़्यादातर प्रोग्रामिंग भाषाओं और डेटाबेस से जेनरेट करना भी सरल है, जो कि बड़े फ़ीड के प्रकाशकों के लिए अच्छा है.

फ़ीड को पार्स करना आसान होना चाहिए

फ़ीड रीडर बस थोड़ा बहुत काम करके वह जानकारी निकाल पाएं जो वे ढूंढ रहे हैं. कोड पथ की संख्या को कम करने के लिए फ़ीड में बदलाव और अतिरिक्त सुझाव जितना संभव हो उतने उपयोगी होने चाहिए जिन्हें फ़ीड के रीडर को कार्यान्वित करने की ज़रूरत है. (हालांकि, निर्माण को आसान बनाने को तरजीह दी जानी चाहिए, क्योंकि आखिरकार फ़ीड रीडर की तुलना में फ़ीड प्रकाशक अधिक होंगे.)

विनिर्देश में किए गए बदलाव पीछे-संगत होने चाहिए

विनिर्देश में सुविधाओं को जोड़ते समय, हम ऐसे बदलाव करने से बचना चाहते हैं, जो मौजूदा फ़ीड को अमान्य बना दे. हम मौजूदा फ़ीड प्रकाशकों का काम बढ़ाना नहीं चाहते, जब तक कि वे खुद अपने फ़ीड को बेहतर बनाना नहीं चाहें. इसके अलावा, जब भी संभव हो, हम चाहते हैं कि मौजूदा पार्सर नए फ़ीड के पुराने हिस्से को पढ़ सकें.

काल्पनिक सुविधाओं की मनाही है

हर नई सुविधा फ़ीड को बनाने और पढ़ने में जटिलता जोड़ती है. इसलिए, हम केवल ऐसी सुविधाओं को जोड़ने पर बल देते है जो हमें उपयोगी लगते हैं. आदर्श रूप से, किसी भी प्रस्ताव का नई सुविधा का उपयोग करने वाले रीयल सार्वजनिक परिवहन सिस्टम के लिए डेटा जेनरेट करके और उसे पढ़ने और प्रदर्शित करने के लिए सॉफ़्टवेयर लिखकर परीक्षण किया जाएगा. ध्यान दें कि जीटीएफ़एस का इस्तेमाल करके अलग से कॉलम और फ़ाइलें जोड़ी जा सकती हैं और फ़ॉर्मैट का एक्सटेंशन किया जा सकता है. इन कॉलम और फ़ाइलों को आधिकारिक पार्सर और पुष्टि करने के टूल नज़रअंदाज़ कर देते हैं. इससे प्रस्ताव आसानी से प्रोटोटाइप किए जा सकते हैं और उनकी जांच मौजूदा फ़ीड पर की जा सकती है.