लाइवस्ट्रीम

खोज नतीजाें में दिख रहे लाइव बैज वाले एक वीडियो का उदाहरण

लाइवस्ट्रीम की सुविधा इस्तेमाल करने पर खोज नतीजाें में दिखने वाले वीडियो थंबनेल में एक लाइव बैज जोड़ा जाता है. बैज काे थंबनेल पर दिखाने के लिए हमें यह जानना होगा कि वीडियो लाइव है या नहीं. इसके अलावा, यह जानना भी ज़रूरी है कि लाइवस्ट्रीम कब शुरू होगी. लाइव बैज को किसी भी ऐसे सार्वजनिक वीडियो पर लगाया जा सकता है जो कितनी भी अवधि के लिए लाइव स्ट्रीम किया गया हो. यहां कुछ उदाहरण दिए गए हैं:

  • खेल-कूद के इवेंट
  • अवॉर्ड शो
  • प्रभावशाली व्यक्तियाें के वीडियो
  • लाइव दिखाए जा रहे वीडियो गेम

उदाहरण

यहां VideoObject और isLiveBroadcast का उदाहरण दिया गया है जाे स्ट्रक्चर्ड डेटा की जाँच करने वाले टूल का इस्तेमाल करके जेएसओएन-एलडी कोड में दिखाई देते हैं.

दिशा-निर्देश

आपको अपनी सामग्री के लिए इन दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए ताकि उसे रिच नतीजों में लाइव बैज के साथ दिखाया जा सके:

सामग्री के लिए दिशा-निर्देश

  • स्ट्रक्चर्ड डेटा में अश्लील या आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल न करें.

स्ट्रक्चर्ड डेटा के प्रकार की परिभाषाएं

आपकी सामग्री रिच नतीजे के तौर पर दिखाई दे, इसके लिए आपको ज़रूरी विशेषताएं शामिल करनी होंगी. आप अपनी सामग्री के बारे में ज़्यादा जानकारी जोड़ने के लिए सुझाई गई विशेषताएं भी शामिल कर सकते हैं. इससे उपयोगकर्ताओं बेहतर तरीके से नतीजे दिखाए जा सकते हैं.

VideoObject

VideoObject के बारे में पूरी जानकारी schema.org/VideoObject पर दी गई है.

ज़रूरी विशेषताएं
contentUrl

URL

वीडियो की मूल मीडिया फ़ाइल का यूआरएल.

description

Text

वीडियो के बारे में जानकारी.

embedUrl

URL

किसी खास वीडियो के लिए प्लेयर का यूआरएल. आम तौर पर, यह जानकारी <embed> टैग के src एलिमेंट में होती है.

name

Text

वीडियो का शीर्षक.

thumbnailUrl

ImageObject या URL का दोहराया गया फ़ील्ड

वीडियो के थंबनेल की इमेज फ़ाइल का यूआरएल.

इमेज के बारे में दूसरे दिशा-निर्देश:

  • हर पेज में कम से कम एक इमेज होनी चाहिए (चाहे आप मार्कअप को शामिल करें या न करें). आसपेक्ट रेशियो (चौड़ाई-ऊंचाई का अनुपात) और रिज़ॉल्यूशन के आधार पर, Google खोज नतीजों में दिखाने के लिए सबसे अच्छी इमेज चुनेगा.
  • इमेज के यूआरएल क्रॉल करने लायक और इंडेक्स करने लायक होने चाहिए.
  • इमेज में मार्कअप की गई सामग्री दिखनी चाहिए.
  • इमेज .jpg, .png या .gif फ़ॉर्मैट में होनी चाहिए.
  • सबसे अच्छे नतीजों के लिए, ज़्यादा रिज़ॉल्यूशन वाली ऐसी कई इमेज (चौड़ाई और ऊंचाई को गुणा करने के बाद कम से कम 50,000 पिक्सेल) उपलब्ध कराएं जिनका आसपेक्ट रेशियो (चौड़ाई-ऊंचाई का अनुपात) यह हो: 16x9, 4x3 और 1x1.

उदाहरण के लिए:

"image": [
  "https://example.com/photos/1x1/photo.jpg",
  "https://example.com/photos/4x3/photo.jpg",
  "https://example.com/photos/16x9/photo.jpg"
]

uploadDate

Date

ISO 8601 फ़ॉर्मैट में पहली बार वीडियो प्रकाशित होने की तारीख.

publication

BroadcastEvent

यह बताता है कि वीडियो को कब लाइव स्ट्रीम किया जाना है. यह एक सूची या इंस्टेंस कुछ भी हो सकता है.

सुझाई गई विशेषताएं
duration

duration

ISO 8601 फ़ॉर्मैट में वीडियो चलने का कुल समय.

expires

Text

अगर लागू होती है, तो ISO 8601 फ़ॉर्मैट में वह तारीख जिसके बाद वीडियो दिखना बंद हो जाएगा. अगर आपका वीडियो हमेशा उपलब्ध रहेगा, तो यह जानकारी न दें.

interactionCount

Text

वीडियो देखे जाने की कुल संख्या.

BroadcastEvent

BroadcastEvent की पूरी जानकारी schema.org/BroadcastEvent पर उपलब्ध है. BroadcastEvent विशेषता को VideoOject इकाई में ज़रूर शामिल किया जाना चाहिए.

ज़रूरी विशेषताएं
endDate

Text

ISO 8601 फ़ॉर्मैट में वह तारीख और समय जब लाइवस्ट्रीम खत्म हाेनी है या इसके खत्म हाेने की संभावना है.

वीडियो के खत्म होने यानी लाइवस्ट्रीम बंद हाेने के बाद endDate देना ज़रूरी है. अगर लाइवस्ट्रीम शुरू होने से पहले endDate तय नहीं है, तो हम सलाह देते हैं कि आप एक अनुमानित endDate दें.

अगर endDate पुरानी या मौजूदा समय की है, ताे इससे पता चलता है कि स्ट्रीम खत्म हो गई है और यह अब लाइव नहीं है. अगर endDate आने वाले समय की है, तो इससे पता चलता है कि लाइवस्ट्रीम उस समय खत्म हाेगी.

isLiveBroadcast

Boolean

अगर वीडियो लाइव है या लाइव स्ट्रीम किया जाएगा, तो true पर सेट करें.

startDate

Text

ISO 8601 फ़ॉर्मैट में वह तारीख और समय जब लाइवस्ट्रीम शुरू हाेनी है या इसके शुरू हाेने की संभावना है. अगर startDate पुरानी या मौजूदा समय की है, ताे इससे पता चलता है कि स्ट्रीम शुरू हाे चुकी है. अगर startDate आने वाले समय की है, तो इससे पता चलता है कि लाइवस्ट्रीम उस समय शुरू हाेगी.

इंडेक्स करने वाला API (एपीआई) इस्तेमाल करके Google को फ़ौरन जानकारी देना

हम इंडेक्स करने वाला API (एपीआई) इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं ताकि Google आपकी लाइवस्ट्रीम को जल्दी से क्रॉल करे. नीचे दिए गए इवेंट के लिए API (एपीआई) इस्तेमाल करें:

  • जब वीडियो लाइव हो
  • जब वीडियो स्ट्रीमिंग बंद हाे जाए और endDate बताने के लिए पेज का मार्कअप अपडेट किया जाए
  • जब भी मार्कअप में कुछ बदलाव हाे और Google को सूचना देने की ज़रूरत हाे

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