सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन (एसईओ) स्टार्टर गाइड

यह गाइड किसके लिए है?

अगर आप ऑनलाइन कॉन्टेंट के मालिक हैं और उसे मैनेज करने, उससे कमाई करने या उसका प्रमोशन करने के लिए, Google Search का इस्तेमाल करते हैं, तो यह गाइड आपके लिए है. हो सकता है कि आप किसी ऐसे कारोबार के मालिक हों जो लगातार तरक्की कर रहा है या आप कई साइटों के मालिक हों या किसी वेब एजेंसी में एसईओ विशेषज्ञ या Search की बारीकियों को खुद इस्तेमाल करके देखने वाले एसईओ विशेषज्ञ हों, अगर आप इनमें से कुछ भी हैं, तो यह गाइड आपके काम की है. अगर आपको हमारे सबसे सही तरीकों के हिसाब से, एसईओ के इस्तेमाल से जुड़ी बुनियादी बातों की पूरी जानकारी चाहिए, तो इस गाइड से आपको मदद मिलेगी. माफ़ करें! इस गाइड में ऐसी कोई सीक्रेट बात नहीं बताई गई है जिससे आपकी साइट, Google पर अपने-आप पहली रैंक पर आ जाएगी. हालांकि, उम्मीद है कि सबसे सही तरीके अपनाने से, सर्च इंजन आपके कॉन्टेंट को आसानी से क्रॉल कर सकेंगे, इंडेक्स कर सकेंगे, और उसे समझ सकेंगे.

सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन (एसईओ) के तहत, अक्सर आपकी वेबसाइट के कुछ हिस्सों में छोटे-छोटे बदलाव किए जाते हैं. अलग-अलग देखने पर, ये बदलाव छोटे-छोटे सुधार लग सकते हैं. हालांकि, अगर इन्हें दूसरे ऑप्टिमाइज़ेशन के साथ जोड़कर देखा जाए, तो ये आपकी साइट पर आने वाले उपयोगकर्ताओं के अनुभव और ऑर्गैनिक सर्च के नतीजों की परफ़ॉर्मेंस के लिहाज़ से, काफ़ी असरदार साबित हो सकते हैं. हो सकता है कि आप इस गाइड के बहुत से विषयों के बारे में पहले से जानते हों, क्योंकि वे किसी भी वेब पेज के लिए ज़रूरी होते हैं. हालांकि, यह भी हो सकता है कि आपको उनका पूरा फ़ायदा न मिल पा रहा हो.

आपको ऐसी वेबसाइट बनानी चाहिए जिससे आपके उपयोगकर्ताओं को फ़ायदा हो. उनके अनुभव को बेहतर बनाने के लिए, आपको वेबसाइट को लगातार ऑप्टिमाइज़ करते रहना चाहिए. इन उपयोगकर्ताओं में सर्च इंजन भी शामिल है, जो दूसरे उपयोगकर्ताओं को आपका कॉन्टेंट खोजने में मदद करता है. एसईओ की मदद से, सर्च इंजन आपके कॉन्टेंट को समझ पाते हैं और उसे खोज के नतीजों में दिखा पाते हैं. ऐसा हो सकता है कि आपकी साइट, उस साइट से छोटी या बड़ी हो जिसका हमने उदाहरण दिया है. यह भी हो सकता है कि आपकी साइट का कॉन्टेंट काफ़ी अलग हो. हालांकि, इस गाइड में दिए गए ऑप्टिमाइज़ेशन के विषय, हर तरह की साइटों पर लागू होते हैं. हम उम्मीद करते हैं कि हमारी गाइड से, आपको अपनी वेबसाइट को बेहतर बनाने के कुछ नए तरीकों का पता चलेगा. साथ ही, हमें Google Search Central के सहायता समुदाय पेज पर आपके सवाल, सुझाव/राय/शिकायत, और गाइड का इस्तेमाल करने से मिली सफलता की कहानी के बारे में जानकर खुशी होगी.

शुरू करना

क्या आपकी साइट Google पर दिखती है?

पता करें कि Google के इंडेक्स में आपकी साइट है या नहीं

अपनी साइट के होम यूआरएल के लिए site: खोजें. अगर आपको नतीजे दिखते हैं, तो आपकी साइट इंडेक्स में शामिल है. उदाहरण के लिए, site:wikipedia.org खोजने पर, ये नतीजे दिखते हैं.

अगर Google पर आपकी साइट नहीं दिखती है

हालांकि, Google करोड़ों पेजों को क्रॉल करता है, लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि कुछ साइटें छूट जाएं. हमारे क्रॉलर से किसी साइट के छूट जाने के पीछे, अक्सर नीचे दी गई वजहों में से कोई एक वजह होती है:

  • साइट, वेब पर मौजूद दूसरी साइटों से अच्छी तरह से कनेक्ट नहीं है
  • आपने हाल में ही कोई नई साइट लॉन्च की है और Google को अब तक उसे क्रॉल करने का समय नहीं मिला है
  • साइट के डिज़ाइन की वजह से, Google उसके कॉन्टेंट को ठीक से क्रॉल नहीं कर पा रहा है
  • आपकी साइट क्रॉल करने के दौरान Google को कोई गड़बड़ी मिली
  • आपकी साइट की नीति, Google को साइट क्रॉल करने से रोकती है

मेरी साइट को Google के खोज नतीजों में दिखाने का क्या तरीका है?

Google के खोज नतीजों में शामिल होना मुफ़्त और आसान है. यहां तक कि आपको Google पर अपनी साइट सबमिट करने की भी ज़रूरत नहीं होती. Google पूरी तरह से अपने-आप काम करने वाला एक सर्च इंजन है, जो लगातार वेब के बारे में और जानने के लिए वेब क्रॉलर का इस्तेमाल करता है. साथ ही, हमारे इंडेक्स में जोड़ने के लिए साइटें खोजता है. असल में, हमारे नतीजों में शामिल की गई ज़्यादातर साइटें मैन्युअल रूप से सबमिट नहीं की जाती हैं, बल्कि जब हम वेब क्रॉल करते हैं, तब उन्हें ढूंढकर अपने-आप इंडेक्स में जोड़ा जाता है. जानें कि Google, वेब पेजों को कैसे खोजता है, कैसे क्रॉल करता है, और उन्हें किस तरह दिखाता है.

Google-फ़्रेंडली वेबसाइट बनाने के लिए, हमने वेबमास्टर गाइडलाइन तय की हैं. इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि क्रॉलर को आपकी साइट मिल ही जाए. हालांकि, इन दिशा-निर्देशों से आपको खोज के नतीजों में, अपनी साइट को दिखाने में मदद मिल सकती है.

Google Search Console, आपको ऐसे टूल उपलब्ध कराता है जिनकी मदद से आप Google पर अपना कॉन्टेंट सबमिट कर सकते हैं. साथ ही, यह भी मॉनिटर करता है कि Google Search में आपकी वेबसाइट की परफ़ॉर्मेंस कैसी है. अगर आप चाहें, तो Search Console की मदद से ज़रूरी समस्याओं के बारे में सूचनाएं भी पा सकते हैं. इन समस्याओं में आपकी साइट पर Google को मिलने वाली समस्याएं शामिल होती हैं. Search Console के लिए साइन अप करें.

शुरू करते समय, आप खुद से अपनी वेबसाइट के बारे में यहां दिए गए कुछ बुनियादी सवाल पूछें.

  • क्या मेरी वेबसाइट Google पर दिखती है?
  • क्या मेरा कॉन्टेंट उपयोगकर्ताओं के लिए अच्छी क्वालिटी का है?
  • क्या Google पर मेरा स्थानीय कारोबार दिखता है?
  • क्या हर डिवाइस पर मेरा कॉन्टेंट तेज़ी से और आसानी से दिखता है?
  • क्या मेरी वेबसाइट सुरक्षित है?

https://g.co/webmasters पर, शुरुआत करने के बारे में ज़्यादा जानकारी पाएं

इस दस्तावेज़ के बाकी हिस्से में साइट को सर्च इंजन के लिए बेहतर बनाने के तरीके बताए गए हैं. इन्हें विषय के हिसाब से एक क्रम में लगाया गया है. आप https://g.co/WebmasterChecklist पर जाकर, हमारी सलाह की एक छोटी चेकलिस्ट डाउनलोड कर सकते हैं. इसे प्रिंट भी किया जा सकता है.

अपना कॉन्टेंट ढूंढने में Google की मदद करना

अपनी साइट को Google पर लाने का पहला तरीका, इस बात को लेकर पक्का होना है कि Google उसे ढूंढ सकता है. ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका साइटमैप सबमिट करना है. साइटमैप, आपकी साइट पर ऐसी फ़ाइल होती है जिससे सर्च इंजन को आपकी साइट के नए या बदले गए पेजों के बारे में जानकारी मिलती है. साइटमैप बनाने और सबमिट करने के बारे में ज़्यादा जानें.

Google, दूसरे पेजों से मिले लिंक की मदद से भी पेज ढूंढता है. जानें कि आप अपनी साइट का प्रमोशन करके, लोगों को कैसे आपकी साइट ढूंढने के लिए बढ़ावा दे सकते हैं.

Google को बताना कि आप किन पेजों को क्रॉल नहीं करवाना चाहते हैं

जो जानकारी संवेदनशील न हो उसके लिए, robots.txt का इस्तेमाल करके अनचाही क्रॉलिंग को रोकना

robots.txt फ़ाइल से सर्च इंजन को पता चलता है कि क्या वे आपकी साइट के हिस्सों को ऐक्सेस और क्रॉल कर सकते हैं या नहीं. इस फ़ाइल को आपकी साइट की रूट डायरेक्ट्री में रखा जाता है. फ़ाइल का नाम robots.txt होना चाहिए. हो सकता है कि robots.txt से ब्लॉक होने के बावजूद पेज क्रॉल किए जा रहे हों. इसलिए, संवेदनशील पेजों के लिए और ज़्यादा सुरक्षित तरीके का इस्तेमाल करें.

# brandonsbaseballcards.com/robots.txt
# Tell Google not to crawl any URLs in the shopping cart or images in the icons folder,
# because they won't be useful in Google Search results.
User-agent: googlebot
Disallow: /checkout/
Disallow: /icons/

आप अपनी साइट के कुछ पेज शायद क्रॉल नहीं करवाना चाहेंगे, क्योंकि हो सकता है कि सर्च इंजन के खोज नतीजों में मिलने पर, वे पेज उपयोगकर्ताओं के काम के न हों. अगर आप सर्च इंजन को अपने पेज क्रॉल करने से रोकना चाहते हैं, तो Google Search Console में मौजूद robots.txt जनरेटर, इस फ़ाइल को बनाने में आपकी मदद कर सकता है. ध्यान दें कि अगर आपकी साइट सबडोमेन का इस्तेमाल करती है और आप किसी खास सबडोमेन पर कुछ खास पेज क्रॉल नहीं करवाना चाहते हैं, तो आपको उस सबडोमेन के लिए एक अलग robots.txt फ़ाइल बनानी होगी. robots.txt के बारे में ज़्यादा जानने के लिए, robots.txt फ़ाइलों के इस्तेमाल से जुड़ी गाइड देखें.

कॉन्टेंट को खोज के नतीजों में दिखने से रोकने के कई और तरीकों के बारे में पढ़ें.

ऐसा करने से बचें:

  • अपनी साइट के अंदरूनी खोज नतीजों के पेज को Google से क्रॉल कराना. उपयोगकर्ता आपकी साइट पर खोज के नतीजे वाले दूसरे पेज पर जाने के लिए, किसी सर्च इंजन वाले नतीजे पर क्लिक करना पसंद नहीं करते हैं.
  • प्रॉक्सी सेवाओं के किसी नतीजे के रूप में बनाए गए यूआरएल को क्रॉल करने की अनुमति देना.

संवेदनशील जानकारी के लिए, ज़्यादा सुरक्षित तरीकों का इस्तेमाल करें

संवेदनशील या गोपनीय जानकारी पर रोक लगाने के लिए, robots.txt फ़ाइल सही या असरदार तरीका नहीं है. यह सिर्फ़ अच्छा व्यवहार करने वाले क्रॉलर को निर्देश देती है कि ये पेज उनके लिए नहीं हैं. हालांकि, किसी ब्राउज़र पर इन पेजों का अनुरोध किए जाने पर, यह आपके सर्वर को उन्हें डिलीवर करने से नहीं रोकती है. इसकी एक वजह यह है कि अगर इंटरनेट पर कहीं उन यूआरएल के लिंक मौजूद हैं (जैसे कि रेफ़र करने वाले के लॉग में) जिन पर आपने रोक लगाई है, तो सर्च इंजन अब भी उन यूआरएल का रेफ़रंस ले सकते हैं. उदाहरण के लिए, शीर्षक का लिंक या स्निपेट दिखाने के बजाय, सर्च इंजन सिर्फ़ यूआरएल दिखा सकते हैं. साथ ही, नियमों का पालन न करने वाले या परेशान करने वाले ऐसे सर्च इंजन जो रोबोट एक्सक्लूज़न स्टैंडर्ड को नहीं मानते हैं, वे आपके robots.txt फ़ाइल में दिए गए निर्देशों का उल्लंघन कर सकते हैं. आखिर में, एक उत्सुक उपयोगकर्ता आपकी robots.txt फ़ाइल में डायरेक्ट्री या सबडायरेक्ट्री की जांच कर सकता है. साथ ही, उस कॉन्टेंट के यूआरएल का अनुमान लगा सकता है जिसे आप नहीं दिखाना चाहते.

इन मामलों में, अगर आप चाहते हैं कि Google पर पेज न दिखे, तो noindex टैग का इस्तेमाल करें. ध्यान रहे कि वह उपयोगकर्ता इस पेज पर जा सकता है जिसके पास इसका लिंक है. हालांकि, बेहतर सुरक्षा के लिए आपको ऐसे तरीकों का इस्तेमाल करना चाहिए जिनमें पेज ऐक्सेस करने के लिए सुरक्षा से जुड़ी किसी मंज़ूरी की ज़रूरत हो. जैसे, उपयोगकर्ता पासवर्ड ज़रूरी होना या पेज को अपनी साइट से पूरी तरह से हटाना.

अपने कॉन्टेंट को समझने में Google और उपयोगकर्ताओं की मदद करना

Google को उसी तरह अपना पेज दिखाना जिस तरह से किसी उपयोगकर्ता को दिखता है

जब Googlebot किसी पेज को क्रॉल करता है, तब उसे पेज ठीक उसी तरह दिखना चाहिए जिस तरह किसी सामान्य उपयोगकर्ता को दिखता है. सबसे अच्छी तरह रेंडर और इंडेक्स करने के लिए, Googlebot को हमेशा उन JavaScript, सीएसएस, और इमेज फ़ाइलों का इस्तेमाल करने दें जिन्हें आप अपनी वेबसाइट पर इस्तेमाल करते हैं. अगर आपकी साइट की robots.txt फ़ाइल इन एसेट को क्रॉल करने की अनुमति नहीं देती है, तो इससे आपके कॉन्टेंट को रेंडर और इंडेक्स करने के हमारे एल्गोरिदम पर सीधा असर पड़ता है. रेंडर और इंडेक्स करने के काम अच्छी तरह नहीं हो पाते हैं. इससे आपकी साइट की रैंकिंग में गिरावट आ सकती है.

सुझाई गई कार्रवाई: यूआरएल जांचने वाले टूल का इस्तेमाल करें. इससे आप यह जान पाएंगे कि Googlebot आपके कॉन्टेंट को कैसे देखता और रेंडर करता है. साथ ही, इससे आपको साइट को इंडेक्स किए जाने में आ रही समस्याओं को पहचानने और उन्हें ठीक करने में मदद मिलेगी.

किसी पेज के लिए यूनीक और सटीक शीर्षक बनाना

<title> एलिमेंट से उपयोगकर्ता और सर्च इंजन, दोनों को यह पता चलता है कि किसी पेज का विषय क्या है. <title> एलिमेंट को एचटीएमएल दस्तावेज़ के <head> एलिमेंट में रखें और अपनी साइट के हर पेज के शीर्षक के लिए यूनीक टेक्स्ट बनाएं.

<html>
<head>
    <title>Brandon's Baseball Cards - Buy Cards, Baseball News, Card Prices</title>
    <meta name="description" content="Brandon's Baseball Cards provides a large selection of
    vintage and modern baseball cards for sale.
    We also offer daily baseball news and events.">
</head>
<body>
...

खोज के नतीजों में दिखने वाले शीर्षक के लिंक और स्निपेट कंट्रोल करना

अगर आपका दस्तावेज़ खोज नतीजों वाले पेज में दिखता है, तो <title> एलिमेंट का कॉन्टेंट, खोज के नतीजे में शीर्षक के लिंक के तौर पर दिख सकता है (अगर आपको Google Search के नतीजे के अलग-अलग हिस्सों के बारे में जानकारी नहीं है, तो खोज नतीजों के अलग-अलग हिस्सों के बारे में बताने वाला वीडियो देखें).

Google Search के वेब नतीजे में दिखने वाले शीर्षक का लिंक

आपकी साइट के होम पेज पर मौजूद <title> एलिमेंट में आपकी वेबसाइट या कारोबार का नाम शामिल हो सकता है. इसमें आपके कारोबार के पते जैसी अहम जानकारी शामिल हो सकती है. इसके अलावा, इसमें आपके कारोबार के मकसद या उपयोगकर्ताओं को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में भी बताया जा सकता है.

पेज के कॉन्टेंट के बारे में सटीक जानकारी देना

शीर्षक का टेक्स्ट ऐसा चुनें जो आसानी से समझ में आ जाए और जिससे पेज पर मौजूद कॉन्टेंट के बारे में सटीक जानकारी मिले.

ऐसा करने से बचें:

  • <title> एलिमेंट में ऐसे टेक्स्ट का इस्तेमाल करना जिसका पेज के कॉन्टेंट से कोई संबंध नहीं है.
  • "बिना शीर्षक वाला" या "नया पेज 1" जैसे डिफ़ॉल्ट या आसानी से समझ न आने वाले टेक्स्ट का इस्तेमाल करना.

हर पेज के लिए यूनीक <title> एलिमेंट बनाना

पक्का करें कि आपकी साइट के हर पेज के <title> एलिमेंट में यूनीक टेक्स्ट हो. इससे Google को यह जानने में मदद मिलती है कि वह पेज आपकी साइट के दूसरे पेजों से कैसे अलग है. अगर आपकी साइट के मोबाइल वर्शन के लिए अलग पेज हैं, तो मोबाइल वर्शन पर भी <title> एलिमेंट में जानकारी देने वाले टेक्स्ट का इस्तेमाल करना न भूलें.

ऐसा करने से बचें:

  • अपनी साइट के हर पेज या कई पेजों पर मौजूद सभी <title> एलिमेंट में, एक ही शीर्षक का इस्तेमाल करना.

छोटे, लेकिन जानकारी देने वाले <title> एलिमेंट का इस्तेमाल करना

<title> एलिमेंट छोटे होने के साथ-साथ जानकारी देने वाले भी हो सकते हैं. अगर <title> एलिमेंट में मौजूद टेक्स्ट बहुत लंबा या ज़्यादा काम का नहीं है, तो Google, <title> एलिमेंट में मौजूद टेक्स्ट का सिर्फ़ एक हिस्सा दिखा सकता है. इसके अलावा, वह ऐसे शीर्षक का लिंक भी दिखा सकता है जो खोज के नतीजे में अपने-आप जनरेट होता है.

ऐसा करने से बचें:

  • <title> एलिमेंट में बहुत ज़्यादा लंबे टेक्स्ट का इस्तेमाल करना, जो उपयोगकर्ताओं के काम का न हो.
  • <title> एलिमेंट में ग़ैर-ज़रूरी कीवर्ड डालना.

मुख्य जानकारी देने वाले टैग का इस्तेमाल करना

किसी पेज की मुख्य जानकारी देने वाले टैग से, Google और दूसरे सर्च इंजन को यह पता चलता है कि पेज किस बारे में है. किसी पेज के शीर्षक में कुछ शब्द या कोई वाक्यांश मौजूद होता है, जबकि पेज की मुख्य जानकारी देने वाले टैग में एक या दो वाक्यों या फिर एक छोटे पैराग्राफ़ को शामिल किया जा सकता है. <title> एलिमेंट की तरह ही, मुख्य जानकारी देने वाला टैग आपके एचटीएमएल दस्तावेज़ के <head> एलिमेंट में मौजूद होता है.

<html>
<head>
    <title>Brandon's Baseball Cards - Buy Cards, Baseball News, Card Prices</title>
    <meta name="description" content="Brandon's Baseball Cards provides a large selection of vintage and modern baseball cards for sale. We also offer daily baseball news and events.">
</head>
<body>
...

मुख्य जानकारी देने वाले टैग के क्या फ़ायदे हैं?

मुख्य जानकारी देने वाले टैग इसलिए अहम हैं, क्योंकि Google उन्हें Google Search के नतीजों में, आपके पेजों के लिए स्निपेट के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है. ध्यान दें कि हमने "कर सकता है" कहा, क्योंकि अगर आपके पेज पर दिखने वाले टेक्स्ट का कोई हिस्सा, उपयोगकर्ता की किसी क्वेरी से बेहतर मेल खाता है, तो Google उस सेक्शन को चुनकर स्निपेट के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है. अगर Google को स्निपेट के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए अच्छा टेक्स्ट नहीं मिलता है, तो वह मुख्य जानकारी देने वाले टैग का इस्तेमाल कर सकता है. इसलिए, हर पेज में मुख्य जानकारी देने वाले टैग जोड़ने से मदद मिलती है. मुख्य जानकारी देने वाले अच्छी क्वालिटी के टैग तैयार करने के तरीके के बारे में ज़्यादा जानें.

Google Search पर, वेब नतीजे में दिखने वाला एक स्निपेट

पेज के कॉन्टेंट के बारे में कम शब्दों में सटीक जानकारी देना

जानकारी कुछ इस तरह से लिखें कि अगर किसी खोज के नतीजे में, मुख्य जानकारी देने वाला टैग किसी स्निपेट के तौर पर दिखे, तो वह जानकारी आपके उपयोगकर्ताओं को सूचना देने के साथ-साथ उनमें दिलचस्पी भी जगाए. हालांकि, description मेटा टैग में टेक्स्ट की लंबाई की कोई सीमा तय नहीं होती है. यह टेक्स्ट कितना भी लंबा या छोटा हो सकता है, लेकिन हमारा सुझाव है कि आप यह पक्का कर लें कि टेक्स्ट की लंबाई इतनी हो कि वह Search में पूरी तरह से दिखे (ध्यान दें कि उपयोगकर्ताओं को उनके खोज करने के तरीके और जगह के हिसाब से स्निपेट की लंबाई अलग-अलग दिख सकती है). साथ ही, इस बात का भी ध्यान रखें कि उसमें कम से कम इतनी जानकारी ज़रूर हो जिससे उपयोगकर्ता यह तय कर पाएं कि आपका पेज उनके लिए कितने काम का है.

ऐसा करने से बचें:

  • मुख्य जानकारी देने वाला ऐसा टैग लिखना जिसका पेज के कॉन्टेंट से कोई संबंध न हो.
  • "यह वेब पेज है" या "बेसबॉल कार्ड के बारे में पेज" जैसी सामान्य जानकारी का इस्तेमाल करना.
  • जानकारी में सिर्फ़ कीवर्ड का इस्तेमाल करना.
  • दस्तावेज़ के पूरे कॉन्टेंट को कॉपी करके, मुख्य जानकारी देने वाले टैग में चिपका देना.

हर पेज के लिए यूनीक जानकारी का इस्तेमाल करना

हर पेज के लिए मुख्य जानकारी देने वाला अलग टैग होने से, उपयोगकर्ताओं और Google, दोनों को मदद मिलती है. इससे खासकर उन खोजों में मदद मिलती है जहां उपयोगकर्ता आपके डोमेन पर कई सारे पेज ला सकते हैं. उदाहरण के लिए, site: ऑपरेटर का इस्तेमाल करके की गई खोजें. अगर आपकी साइट में हज़ारों या लाखों पेज हैं, तो ऐसा हो सकता है कि मुख्य जानकारी देने वाले हर टैग के लिए आप जानकारी खुद न लिख पाएं. ऐसी स्थिति में, हर पेज के कॉन्टेंट के हिसाब से, मुख्य जानकारी देने वाले टैग को अपने-आप जनरेट करने का विकल्प चुना जा सकता है.

ऐसा करने से बचें:

  • अपनी साइट के सभी पेजों या कई पेजों में, मुख्य जानकारी देने वाले एक ही टैग का इस्तेमाल करना.

किसी पेज के अहम टेक्स्ट को खास तौर से दिखाने के लिए, हेडिंग टैग का इस्तेमाल करना

ज़रूरी विषयों की जानकारी देने के लिए सही शीर्षकों का इस्तेमाल करें. साथ ही, अपने कॉन्टेंट के हिस्सों को उनकी अहमियत के हिसाब से लगाने में मदद करें. इससे उपयोगकर्ताओं को आपके दस्तावेज़ में एक जगह से दूसरी जगह जाने में मदद मिलती है.

मान लीजिए कि आप किसी साइट के लिए एक आउटलाइन बना रहे हैं

जिस तरह आप किसी बड़े पेपर के लिए आउटलाइन बनाते हैं उसी तरह पेज के कॉन्टेंट के मुख्य और उप बिंदुओं के बारे में, पहले ही सोच लें. इसके बाद तय करें कि हेडिंग टैग को कहां इस्तेमाल किया जाना सही रहेगा.

ऐसा करने से बचें:

  • हेडिंग टैग में ऐसे टेक्स्ट लिखना जिससे पेज की बनावट को तय करने में मदद नहीं मिलेगी.
  • हेडिंग टैग का इस्तेमाल वहां करना जहां शायद <em> और <strong> जैसे दूसरे टैग का इस्तेमाल करना ज़्यादा बेहतर हो.
  • हेडिंग टैग का साइज़ बार-बार बदलते रहना.

पेज में जहां ज़रूरत हो वहीं शीर्षक का इस्तेमाल करना

हेडिंग टैग वहां इस्तेमाल करें जहां उसकी ज़रूरत है. किसी पेज पर कई सारे हेडिंग टैग होने से, उपयोगकर्ताओं के लिए कॉन्टेंट की पहचान करना मुश्किल हो सकता है. उन्हें यह समझने में भी परेशानी आ सकती है कि एक विषय कहां खत्म हुआ और दूसरा कहां से शुरू हुआ.

ऐसा करने से बचें:

  • किसी पेज पर हेडिंग टैग का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल करना.
  • बहुत लंबे शीर्षक.
  • लेख को सिर्फ़ स्टाइल के हिसाब से दिखाने के लिए हेडिंग टैग का इस्तेमाल करना, संरचना दिखाने के लिए नहीं.

स्ट्रक्चर्ड डेटा मार्कअप जोड़ना

स्ट्रक्चर्ड डेटा वह कोड होता है जिसे आप अपनी साइट के पेज में जोड़कर, सर्च इंजन को अपने कॉन्टेंट के बारे में जानकारी दे सकते हैं, ताकि सर्च इंजन आपके पेज के कॉन्टेंट को बेहतर तरीके से समझ सकें. सर्च इंजन इस जानकारी का इस्तेमाल करके, खोज नतीजों में आपके कॉन्टेंट को लोगों का ध्यान खींचने वाले, ज़्यादा उपयोगी कॉन्टेंट के तौर पर दिखा सकता है. ऐसा करने से, अपने कारोबार के लिए सही ग्राहकों का ध्यान खींचने में मदद मिल सकती है.

स्टार की मदद से की गई समीक्षा के हिसाब से, स्ट्रक्चर्ड डेटा का इस्तेमाल करके बेहतर खोज के नतीजे दिखाने वाली इमेज.

उदाहरण के लिए, अगर आपका ऑनलाइन स्टोर है और उसमें आपने किसी प्रॉडक्ट के पेज पर मार्कअप जोड़ा है, तो इससे हमें यह समझने में मदद मिलती है कि पेज पर कोई बाइक, उसकी कीमत, और ग्राहकों की समीक्षाएं दी गई हैं. हम प्रॉडक्ट के बारे में की गई क्वेरी के लिए, खोज नतीजों के स्निपेट में वह जानकारी दिखा सकते हैं. हम इन्हें ज़्यादा बेहतर नतीजे (रिच रिज़ल्ट) कहते हैं.

रिच रिज़ल्ट के लिए स्ट्रक्चर्ड डेटा मार्कअप का इस्तेमाल करने के अलावा, हम दूसरे फ़ॉर्मैट में सही नतीजे देने के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आपकी कोई दुकान है, तो दुकान खुलने के समय को मार्कअप करने से, आपके संभावित ग्राहक ठीक उस समय आपको ढूंढ सकते हैं जब उन्हें आपकी ज़रूरत हो. इससे, खोज के दौरान उन्हें यह सूचना मिल जाती है कि आपकी दुकान खुली है या बंद है.

आइसक्रीम स्टोर की खोज से जुड़े Google Search के नतीजे में, स्ट्रक्चर्ड डेटा की मदद से चालू किए गए रिच रिज़ल्ट दिखते हैं.

आप कारोबार से जुड़ी कई चीज़ों को मार्कअप कर सकते हैं:

  • आप जो प्रॉडक्ट बेच रहे हैं
  • कारोबार का पता
  • आपके प्रॉडक्ट या कारोबार के बारे में वीडियो
  • खुलने का समय
  • इवेंट की लिस्टिंग
  • रेसिपी
  • आपकी कंपनी का लोगो और दूसरी कई चीज़ें!

इस्तेमाल किए जा सकने वाले कॉन्टेंट की पूरी सूची देखें.

हमारा सुझाव है कि अपने कॉन्टेंट की जानकारी देने के लिए, इस्तेमाल होने वाले किसी भी नोटेशन मार्कअप के साथ स्ट्रक्चर्ड डेटा का इस्तेमाल करें. आप अपने पेज के एचटीएमएल कोड में मार्कअप जोड़ सकते हैं या डेटा हाइलाइटर और मार्कअप हेल्पर जैसे टूल का इस्तेमाल कर सकते हैं.

ज़्यादा बेहतर नतीजों (रिच रिज़ल्ट) के टेस्ट का इस्तेमाल करके, अपना मार्कअप देखें

अपने कॉन्टेंट को मार्कअप करने के बाद, आप Google के ज़्यादा बेहतर नतीजों (रिच रिज़ल्ट) के टेस्ट का इस्तेमाल करके, यह पक्का कर सकते हैं कि मार्कअप में कोई गलती न हुई हो. आप कॉन्टेंट वाले पेज का यूआरएल डाल सकते हैं या वह एचटीएमएल कोड कॉपी कर सकते हैं जिसमें मार्कअप जोड़ा गया हो.

ऐसा करने से बचें:

  • गलत मार्कअप का इस्तेमाल करना.

डेटा हाइलाइटर और मार्कअप हेल्पर का इस्तेमाल करना

अगर आप अपनी साइट का सोर्स कोड बदले बिना स्ट्रक्चर्ड मार्कअप को आज़माना चाहते हैं, तो आप Search Console के साथ जुड़े हुए डेटा हाइलाइटर का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह मुफ़्त टूल है. इस टूल पर, कॉन्टेंट के अलग-अलग टाइप का सबसेट काम करता है.

अगर आप अपने पेज पर कॉपी करने और चिपकाने के लिए, मार्कअप कोड को तैयार रखना चाहते हैं, तो मार्कअप सहायक टूल आज़माएं.

ऐसा करने से बचें:

  • अपनी साइट के सोर्स कोड को तब बदलना, जब आप मार्कअप लागू करने को लेकर पक्का फ़ैसला न ले पाए हों.

इस बात पर नज़र रखना कि आपके मार्कअप किए गए पेज किस तरह काम कर रहे हैं

Search Console में अलग-अलग रिच रिज़ल्ट की रिपोर्ट से आपको यह पता चलता है कि आपकी साइट पर हमें किसी खास तरह के मार्कअप वाले कितने पेज मिले हैं और खोज के नतीजों में वे पेज कितनी बार देखे गए हैं. साथ ही, यह भी पता चलता है कि पिछले 90 दिनों में लोगों ने उन पेजों पर कितनी बार क्लिक किया है. यह रिपोर्ट, हमें मिली किसी गड़बड़ी के बारे में भी जानकारी देती है.

ऐसा करने से बचें:

  • उपयोगकर्ताओं को नहीं दिखने वाला मार्कअप डेटा जोड़ना.
  • नकली समीक्षाएं बनाना या ऐसा मार्कअप जोड़ना जो पेज के हिसाब से सही न हो.

Google Search के नतीजों में अपने कॉन्टेंट के दिखने का तरीका मैनेज करना

अगर पेजों पर सही स्ट्रक्चर्ड डेटा मौजूद हो, तो उन्हें Google पर खोज के नतीजों में कई खास सुविधाओं के साथ दिखाया जा सकता है. इनमें, स्टार की मदद से समीक्षा दिखाने और नतीजों को सजावटी तरीके से दिखाने जैसी कई सुविधाएं शामिल हैं. खोज के नतीजों वाली गैलरी में देखें कि आपके पेज को किस तरह के खोज नतीजों में शामिल किया जा सकता है.

अपनी साइट पर मौजूद कॉन्टेंट को एक क्रम में लगाना

यह समझना कि सर्च इंजन, यूआरएल का इस्तेमाल कैसे करते हैं

आपके कॉन्टेंट को क्रॉल और इंडेक्स करने के साथ-साथ उसे उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने के लिए, सर्च इंजन को कॉन्टेंट के हर हिस्से के खास यूआरएल की ज़रूरत होती है. अलग-अलग कॉन्टेंट (जैसे, किसी दुकान में अलग-अलग प्रॉडक्ट) और बदले गए कॉन्टेंट (जैसे, अनुवाद या क्षेत्रीय बदलाव) को खोज में सही तरीके से दिखाए जाने के लिए, अलग-अलग यूआरएल का इस्तेमाल करना होगा.

आम तौर पर, यूआरएल कई अलग-अलग तरह के सेक्शन में बंटे होते हैं:

protocol://hostname/path/filename?querystring#fragment

जैसे:

https://www.example.com/RunningShoes/Womens.htm?size=8#info

Google का सुझाव है कि जब भी हो सके, हर वेबसाइट को https:// का इस्तेमाल करना चाहिए. होस्टनाम वह होता है जहां आपकी वेबसाइट होस्ट की जाती है. आम तौर पर, इसमें उसी डोमेन के नाम का इस्तेमाल किया जाता है जिसे आप ईमेल के लिए इस्तेमाल करेंगे. Google, www और बिना www वाले वर्शन के बीच अंतर करता है (जैसे, www.example.com या सिर्फ़ example.com). Search Console में अपनी वेबसाइट को शामिल करते समय, हम http:// और https:// वर्शन के साथ-साथ, www और बिना www वाले वर्शन, दोनों जोड़ने का सुझाव देते हैं.

पाथ, फ़ाइल नाम, और क्वेरी स्ट्रिंग यह तय करती है कि आपके सर्वर से किस कॉन्टेंट को ऐक्सेस किया गया है. ये तीनों हिस्से केस-सेंसिटिव (छोटे या बड़े अक्षरों में अंतर करने वाले) होते हैं, इसलिए FILE के नतीजे में मिलने वाला यूआरएल, file से मिलने वाले यूआरएल से अलग होगा. होस्टनाम और प्रोटोकॉल, केस-इनसेंसिटिव होते हैं. इसलिए, इनमें बड़े या छोटे अक्षरों की कोई भूमिका नहीं होती है.

एक हिस्सा (इस स्थिति में, #info) आम तौर पर इसकी पहचान करता है कि ब्राउज़र ने पेज का कौनसा हिस्सा स्क्रोल किया. आम तौर पर, सर्च इंजन इस्तेमाल किए गए किसी भी फ़्रैगमेंट को अनदेखा करता है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि कॉन्टेंट सामान्य तौर पर एक जैसा ही होता है, चाहे उसका फ़्रैगमेंट किसी भी तरह का हो.

होम पेज पर जाने के लिए, होस्टनाम के बाद लगने वाला स्लैश ज़रूरी नहीं होता है, क्योंकि दोनों स्थितियों में आप एक ही कॉन्टेंट पर पहुंचते हैं (https://example.com/ और https://example.com एक ही हैं). पाथ और फ़ाइल नाम के लिए, बाद में लगने वाला स्लैश एक अलग यूआरएल के रूप में देखा जा सकता है (जो किसी फ़ाइल या किसी डायरेक्ट्री का संकेत देता है). जैसे, https://example.com/fish और https://example.com/fish/ एक जैसे नहीं हैं.

किसी वेबसाइट का नेविगेशन, तुरंत कॉन्टेंट ढूंढने में वेबसाइट पर आने वाले लोगों की मदद करने में बहुत अहम होता है. इससे सर्च इंजन को यह समझने में मदद मिलती है कि वेबसाइट के मालिक के हिसाब से कौनसा कॉन्टेंट अहम है. हालांकि, Google के खोज नतीजे किसी पेज के स्तर पर दिए जाते हैं, लेकिन Google इस बारे में भी जानना चाहता है कि पूरी साइट के लिहाज़ से पेज की क्या भूमिका है.

वेबसाइट के लिए काम आने वाले पेज के क्रम का उदाहरण.

अपनी साइट को होम पेज के हिसाब से नेविगेट करना

सभी साइटों का होम या मुख्य पेज होता है. यह आम तौर पर सबसे ज़्यादा बार देखा जाने वाला पेज होता है. वेबसाइट पर आने वाले ज़्यादातर लोगों के लिए, नेविगेशन की शुरुआत इसी पेज से होती है. अगर आपकी साइट पर ज़्यादा पेज हैं, तो इस बारे में सोचें कि साइट पर आने वाले लोग, एक सामान्य पेज (मुख्य पेज) से किसी खास कॉन्टेंट वाले पेज पर कैसे जाएंगे. क्या आपकी साइट पर, किसी खास विषय से जुड़े इतने पेज हैं कि इन मिलते-जुलते पेजों के बारे में बताने वाला कोई पेज बनाया जाए (उदाहरण के लिए, मुख्य पेज -> मिलते-जुलते विषयों की सूची -> खास विषय)? क्या आपके पास ऐसे सैकड़ों अलग-अलग प्रॉडक्ट हैं जिन्हें कई कैटगरी और सबकैटगरी वाले पेजों में बांटा जाना चाहिए?

ब्रेडक्रंब सूचियों का इस्तेमाल करना

ब्रेडक्रंब किसी पेज के ऊपर या नीचे दिए गए अंदरूनी लिंक की एक पंक्ति होती है. यह वेबसाइट पर आने वाले लोगों को तुरंत, पिछले सेक्शन या मुख्य पेज पर वापस ले जाती है. कई ब्रेडक्रंब में पहला पेज सबसे सामान्य पेज (आम तौर पर मुख्य पेज) होता है. यह सबसे बाईं ओर वाला लिंक होता है. साथ ही, खास सेक्शन दाईं ओर दिखाए जाते हैं. हमारा सुझाव है कि ब्रेडक्रंब दिखाते समय, आप ब्रेडक्रंब का स्ट्रक्चर्ड डेटा मार्कअप इस्तेमाल करें.

वेबसाइट के साथ मौजूदा पेज का क्रम दिखाने वाली ब्रेडक्रंब सूची.

उपयोगकर्ताओं के लिए ऐसा पेज बनाना जिसे वे आसानी से नेविगेट कर सकें

नेविगेशन पेज आपकी साइट का वह पेज होता है जो आपकी वेबसाइट की बनावट दिखाता है. इसमें, आम तौर पर वह सूची होती है जो बताती है कि आपकी साइट पर पेजों को कैसे व्यवस्थित किया गया है. अगर वेबसाइट पर आने वाले लोगों को आपकी साइट पर पेज ढूंढने में समस्या हो रही है, तो वे इस पेज पर जा सकते हैं. हालांकि, सर्च इंजन भी आपकी साइट पर पेज का अच्छा क्रॉल कवरेज लेने के लिए इस पेज पर जाएंगे, लेकिन यह मुख्य रूप से आपकी साइट पर आने वाले लोगों के लिए होता है.

अलग-अलग पेज पर अपने-आप जाने का क्रम तैयार करना

आपकी साइट पर आने वालों के लिए, सामान्य कॉन्टेंट से किसी खास कॉन्टेंट पर जाना जितना आसान हो सके उतना आसान बनाएं. जहां सही हो वहां नेविगेशन पेज जोड़ें और प्रभावी तरीके से इन्हें अपने अंदरूनी लिंक की बनावट में शामिल करें. पक्का करें कि आपकी साइट के सभी पेजों पर लिंक से पहुंचा जा सकता हो और उन्हें ढूंढने के लिए किसी अंदरूनी खोज की ज़रूरत न हो. जहां सही हो वहां मिलते-जुलते पेजों से लिंक करें, ताकि उपयोगकर्ता मिलता-जुलता कॉन्टेंट ढूंढ सकें.

ऐसा करने से बचें:

  • नेविगेशन लिंक का उलझा हुआ जाल बनाना. उदाहरण के लिए, अपनी साइट के हर पेज को हर दूसरे पेज से जोड़ना.
  • अपने कॉन्टेंट में कुछ ज़्यादा ही काट-छांट करना, ताकि होम पेज से उस तक पहुंचने के लिए बीस क्लिक करने पड़ें.

नेविगेशन के लिए लेख का इस्तेमाल करना

अपनी साइट पर एक पेज से दूसरे पेज पर जाने के लिए ज़्यादातर नेविगेशन को, टेक्स्ट लिंक आसान बनाते हैं. इससे, सर्च इंजन को आपकी वेबसाइट को क्रॉल करने और समझने में भी आसानी होती है. कोई पेज बनाने के लिए JavaScript का इस्तेमाल करने पर, यूआरएल के साथ a एलिमेंट का इस्तेमाल करें, क्योंकि यह href वैल्यू की विशेषता बताता है. साथ ही, पेज लोड होने पर उपयोगकर्ता इंटरैक्शन के लिए इंतज़ार करने के बजाय, सभी मेन्यू आइटम जनरेट कर देता है.

ऐसा करने से बचें:

उपयोगकर्ताओं के लिए नेविगेशन पेज और सर्च इंजन के लिए साइटमैप बनाना

उपयोगकर्ताओं के लिए, अपनी पूरी साइट से जुड़ा एक आसान नेविगेशन पेज शामिल करें. अगर आपके पास सैकड़ों या हज़ारों पेज हैं, तो सबसे अहम पेज शामिल करें. यह पक्का करने के लिए कि सर्च इंजन को आपकी साइट पर नए और अपडेट किए गए पेज मिल जाएं, एक्सएमएल साइटमैप फ़ाइल बनाएं. इसमें, पिछली बार उनके प्राइमरी कॉन्टेंट में बदलाव किए जाने की तारीख के साथ, सभी काम आने वाले यूआरएल भी शामिल करें.

ऐसा करने से बचें:

  • टूटे हुए लिंक की वजह से अपने नेविगेशन पेज को बेकार होने देना.
  • ऐसा नेविगेशन पेज बनाना जिसमें पेज को बिना व्यवस्थित किए (जैसे विषय के हिसाब से) शामिल किया गया हो.

404 गड़बड़ी वाले ऐसे पेज दिखाना जो उपयोगकर्ता के लिए मददगार हों

उपयोगकर्ता कभी-कभी ऐसे पेज पर चले जाएंगे जो आपकी साइट पर मौजूद नहीं होता. ऐसा, टूटा हुआ लिंक खोलने या फिर गलत यूआरएल डालने पर होता है. कस्टम 404 गड़बड़ी वाला पेज होने से, उपयोगकर्ता आपकी साइट के सही पेज पर वापस पहुंच सकते हैं. इससे उनका अनुभव भी बेहतर होगा. ऐसा लिंक शामिल करें जो मुख्य पेज पर वापस ले जाए. साथ ही, अपनी साइट पर मौजूद लोकप्रिय या मिलते-जुलते कॉन्टेंट के लिंक दें. जिन यूआरएल की वजह से "नहीं मिला" जैसी गड़बड़ियां मिलती हैं उनके स्रोत ढूंढने के लिए, आप Google Search Console का इस्तेमाल कर सकते हैं.

ऐसा करने से बचें:

  • अपने 404 वाले पेजों को सर्च इंजन में इंडेक्स किए जाने की अनुमति देना (इस बात का ध्यान रखें कि आपके वेब सर्वर को 404 एचटीटीपी स्टेटस कोड देने के लिए कॉन्फ़िगर किया गया हो. इसके अलावा, JavaScript इस्तेमाल करके बनाई गई साइटों पर noindex टैग शामिल करें. ऐसा तब करें, जब उन पेजों के लिए अनुरोध किया जाए जो साइट पर मौजूद नहीं हैं).
  • Robots.txt फ़ाइल का इस्तेमाल करके, 404 वाले पेजों को क्रॉल होने से रोकना.
  • सिर्फ़ "नहीं मिला", "404" या कोई भी 404 पेज नहीं है वाले मैसेज देना, जिनसे साफ़ तौर पर कुछ समझ न आए.
  • अपने 404 पेजों के लिए ऐसे डिज़ाइन का इस्तेमाल करना जो आपकी साइट से मेल न खाता हो.

सामान्य यूआरएल, कॉन्टेंट की बेहतर जानकारी देते हैं

अपनी वेबसाइट के दस्तावेज़ों के लिए साफ़ जानकारी वाली कैटगरी और फ़ाइल नाम बनाने से, साइट को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में मदद मिलती है. साथ ही, इससे ऐसे लोगों के लिए आसान और मददगार यूआरएल तैयार हो सकते हैं जो आपके कॉन्टेंट से लिंक करना चाहते हैं. साइट पर आने वाले लोगों को ज़्यादा लंबे या क्रिप्टिक यूआरएल (ऐसे यूआरएल जो छिपे होते हैं) से परेशानी हो सकती है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इन यूआरएल में कुछ ही शब्द ऐसे होते हैं जिन्हें पहचाना जा सके.

ये यूआरएल, गुमराह करने वाले और समझने में मुश्किल हो सकते हैं:

https://www.brandonsbaseballcards.com/folder1/22447478/x2/14032015.html

अगर आपके यूआरएल में ऐसे शब्द मौजूद हैं जिन्हें आसानी से समझा जा सकता है, तो वह कई तरह से मददगार साबित हो सकता है और उपयोगकर्ता ऐसे यूआरएल को आसानी से समझ सकते हैं.

https://www.brandonsbaseballcards.com/article/ten-rarest-baseball-cards.html

यूआरएल को खोज के नतीजों में दिखाने के बारे में जानकारी

आखिर में, याद रखें कि Google पर खोज नतीजों में किसी भी दस्तावेज़ का यूआरएल, आम तौर पर दस्तावेज़ के शीर्षक के करीब, किसी न किसी रूप में दिखाया जाता है.

Google सभी तरह की बनावट वाले यूआरएल को आसानी से क्रॉल कर सकता है, चाहे वे बहुत ही मुश्किल क्यों न हों. फिर भी, अपने यूआरएल को जितना हो सके उतना आसान बनाना अच्छा रहता है.

यूआरएल में शब्दों का इस्तेमाल करना

यूआरएल में आपके कॉन्टेंट और साइट की संरचना के बारे में बताने वाले शब्द, आपकी साइट पर आने वालों के लिए मददगार साबित होते हैं.

ऐसा करने से बचें:

  • गै़र-ज़रूरी पैरामीटर और सेशन आईडी के साथ लंबे यूआरएल का इस्तेमाल करना.
  • सामान्य पेज नाम चुनना, जैसे कि page1.html.
  • बहुत ज़्यादा कीवर्ड, जैसे कि baseball-cards-baseball-cards-baseballcards.html का इस्तेमाल करना.

एक आसान डायरेक्ट्री तैयार करना

ऐसी डायरेक्ट्री का इस्तेमाल करें जो आपके कॉन्टेंट को अच्छी तरह व्यवस्थित करती हो. साथ ही, वेबसाइट पर आने वालों के लिए यह जानना आसान बनाए कि वे आपकी साइट पर कहां हैं. उस यूआरएल पर मिले कॉन्टेंट टाइप को दिखाने के लिए, अपनी डायरेक्ट्री के ढांचे का इस्तेमाल करके देखें.

ऐसा करने से बचें:

  • .../dir1/dir2/dir3/dir4/dir5/dir6/page.html जैसी सबडायरेक्ट्री की गहराई से नेस्टिंग होना.
  • डायरेक्ट्री के उन नामों का इस्तेमाल करना जिनका संबंध उनमें दिए गए कॉन्टेंट से नहीं है.

किसी दस्तावेज़ तक पहुंचने के लिए, यूआरएल का एक वर्शन देना

ध्यान रखें कि अगर अलग-अलग उपयोगकर्ता आपकी साइट के अलग-अलग वर्शन के लिंक पर जाते हैं, तो इससे आपकी साइट के कॉन्टेंट पर आने वाले ट्रैफ़िक और उसकी रैंक पर असर पड़ सकता है. ऐसा न हो, इसके लिए एक ही वर्शन के यूआरएल का इस्तेमाल करें और अपनी साइट के पेजों को आपस में लिंक करें. अगर आपको यह पता चलता है कि लोग कई यूआरएल से एक ही कॉन्टेंट को ऐक्सेस कर रहे हैं, तो मुख्य वेब पते पर ले जाने वाले यूआरएल से मुख्य वर्शन के यूआरएल पर जाने के लिए, 301 रीडायरेक्ट सेट अप करना एक बेहतर तरीका होगा. अगर आप रीडायरेक्ट नहीं कर सकते, तो आप rel="canonical" लिंक एलिमेंट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

ऐसा करने से बचें:

  • सबडोमेन और रूट डायरेक्ट्री के पेज से एक ही कॉन्टेंट को ऐक्सेस करना. जैसे, domain.com/page.html और sub.domain.com/page.html.

अपने कॉन्टेंट को ऑप्टिमाइज़ करना

अपनी साइट को रोचक और उपयोगी बनाना

यहां पर जिन दूसरे कारकों की चर्चा की गई है उनकी तुलना में, उपयोगकर्ता के काम आने वाला और बेहतर कॉन्टेंट तैयार करना, आपकी वेबसाइट के लिए ज़्यादा कारगर हो सकता है. उपयोगकर्ता किसी कॉन्टेंट को देखने के बाद ही तय करते हैं कि वह अच्छा है या नहीं. अगर कॉन्टेंट उन्हें पसंद आता है, तभी दूसरे उपयोगकर्ताओं को उसे देखने के लिए कहते हैं. उपयोगकर्ता, ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सेवाओं, ईमेल, फ़ोरम या दूसरे तरीकों के ज़रिए कॉन्टेंट पसंद आने के बारे में बता सकते हैं.

ऑर्गैनिक या दूसरे लोगों से पता चलने पर होने वाली बातें ही, Google और उपयोगकर्ताओं के बीच आपकी साइट की प्रतिष्ठा बनाए रखने में मदद करती है. बेहतर कॉन्टेंट के बिना शायद ही ऐसा हो पाए.

नया और दिलचस्प कॉन्टेंट बनाने से, दूसरी वेबसाइटें आपके पेज का लिंक दिखा सकती हैं.

यह समझना कि आपकी साइट के उपयोगकर्ता क्या चाहते हैं (और उन्हें उनकी पसंद का कॉन्टेंट देना)

उन शब्दों के बारे में सोचें जिन्हें उपयोगकर्ता आपके कॉन्टेंट का एक हिस्सा खोजने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. जो उपयोगकर्ता, विषय के बारे में काफ़ी जानकारी रखते हैं वे विषय के लिए किसी नए उपयोगकर्ता के मुकाबले, अपनी खोज क्वेरी में अलग-अलग कीवर्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, एक पुराना फ़ुटबॉल फ़ैन, "फ़ीफा" कीवर्ड खोज सकता है. यह फ़ेडरेशन इंटरनेशनल डी फ़ुटबॉल असोसिएशन का छोटा नाम है. वहीं, एक नया फ़ैन, "फ़ुटबॉल का वर्ल्ड कप" जैसी ज़्यादा सामान्य क्वेरी का इस्तेमाल कर सकता है. उपयोगकर्ताओं के खोज के तरीकों में ऐसे अंतर पहचानने और कॉन्टेंट लिखते समय इन बातों (कई तरह के कीवर्ड वाले अच्छे वाक्यांशों का इस्तेमाल करके) का ध्यान रखने से, आपको बेहतर नतीजे मिल सकते हैं. Google Ads, आसानी से इस्तेमाल किया जाने लायक कीवर्ड प्लानर टूल उपलब्ध कराता है. इससे, आपको अलग-अलग तरह के नए कीवर्ड खोजने में मदद मिलती है. साथ ही, यह जानकारी भी मिलती है कि हर एक कीवर्ड को अनुमानित तौर पर कितनी बार खोजा गया है. इसके अलावा, Google Search Console आपको परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट में सबसे ज़्यादा खोजी गई ऐसी क्वेरी दिखाता है जिनके जवाब में आपकी साइट, खोज के नतीजों में दिखाई गई थी. साथ ही, यह उन क्वेरी को भी दिखाता है जिनके ज़रिए सबसे ज़्यादा उपयोगकर्ता आपकी साइट पर आए.

ऐसी नई और उपयोगी सुविधा बनाएं जो किसी दूसरी साइट पर मौजूद न हो. आप ओरिजनल रिसर्च भी लिख सकते हैं, कोई रोमांचक खबर बता सकते हैं या अपने यूनीक उपयोगकर्ता आधार का फ़ायदा उठा सकते हैं. ऐसा हो सकता है कि इन चीज़ों को करने के लिए, दूसरी साइटों के पास संसाधनों की कमी हो या इन कामों में वे माहिर न हों.

पढ़ने में आसान टेक्स्ट लिखना

लोगों को ऐसा कॉन्टेंट पसंद आता है जो अच्छी तरह से लिखा गया हो और आसानी से समझ आ जाए.

ऐसा करने से बचें:

  • वर्तनी और व्याकरण की कई गलतियों वाला ऐसा टेक्स्ट लिखना जो अच्छी तरह समझ न आए
  • अजीब या खराब ढंग से लिखा गया कॉन्टेंट.
  • लिखे गए कॉन्टेंट के लिए इमेज और वीडियो में टेक्स्ट जोड़ना: हो सकता है कि उपयोगकर्ता, टेक्स्ट कॉपी करके चिपकाना चाहें और सर्च इंजन उसे पढ़ न पाएं.

अपने विषयों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करना

अपने कॉन्टेंट को व्यवस्थित करना हमेशा फ़ायदेमंद होता है, ताकि वेबसाइट पर आने वालों को अच्छी तरह से पता चल जाए कि एक कॉन्टेंट का विषय कहां शुरू होता है और दूसरा कहां खत्म होता है. अपने कॉन्टेंट को लॉजिकल हिस्सों या भागों में बांटने से, उपयोगकर्ता जिस तरह का कॉन्टेंट चाहते हैं उसे तेज़ी से ढूंढने में मदद मिलती है.

ऐसा करने से बचें:

  • पैराग्राफ़, उप-शीर्षक या लेआउट में बांटे बिना, किसी पेज पर अलग-अलग विषयों के बहुत ज़्यादा लेख डालना.

नया और खास कॉन्टेंट बनाना

नया कॉन्टेंट होने पर, न सिर्फ़ वेबसाइट के मौजूदा उपयोगकर्ता आपके साथ बने रहेंगे, बल्कि इससे नए लोग भी वेबसाइट पर आएंगे.

ऐसा करने से बचें:

  • मौजूदा कॉन्टेंट में ज़रूरी बदलाव करके उसे फिर से तैयार करना (या यहां तक कि कॉपी करना), ताकि उपयोगकर्ताओं के लिए वह और बेहतर हो सके.
  • अपनी साइट पर, कॉन्टेंट का डुप्लीकेट या डुप्लीकेट से मिलता-जुलता वर्शन रखना.

डुप्लीकेट कॉन्टेंट के बारे में ज़्यादा जानें.

सर्च इंजन के बजाय अपने उपयोगकर्ताओं की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर कॉन्टेंट ऑप्टिमाइज़ करना

अपनी साइट को अपने उपयोगकर्ताओं की ज़रूरतों के हिसाब से डिज़ाइन करते हुए यह पक्का करना कि आपकी साइट आसानी से सर्च इंजन के लिए उपलब्ध हो. ऐसा करना, आम तौर पर सही नतीजे देता है.

ऐसा करने से बचें:

  • सर्च इंजन को ध्यान में रखकर ऐसे कई ग़ैर-ज़रूरी कीवर्ड डालना जो उपयोगकर्ताओं के लिए परेशान करने वाले या बेतुके होते हैं.
  • साइट पर ऐसे छोटे-छोटे टेक्स्ट होना जो उपयोगकर्ताओं के लिए ज़्यादा काम के नहीं हैं, जैसे कि "इस पेज तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल किए गए कीवर्ड में बार-बार होने वाली वर्तनी की गलतियां."
  • उपयोगकर्ताओं से गलत तरीके से टेक्स्ट छिपाना, लेकिन सर्च इंजन पर उसको दिखाना.

इस तरह से काम करना, जिससे उपयोगकर्ता आप पर भरोसा करे

उपयोगकर्ता आपकी साइट पर तभी आएंगे, जब उन्हें आपकी साइट पर भरोसा होगा.

एक अच्छी छवि वाली साइट भरोसेमंद होती है. किसी खास क्षेत्र में विशेषज्ञता और भरोसा हासिल करने के लिए अच्छी छवि बनाएं.
इस बारे में जानकारी दें कि आपकी साइट कौन प्रकाशित करता है, उसका कॉन्टेंट कौन उपलब्ध कराता है, और साइट के लक्ष्य क्या हैं. अगर खरीदारी या अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़ी आपकी कोई वेबसाइट है, तो पक्का करें कि उपयोगकर्ताओं की समस्याओं को सुलझाने के लिए, उस पर ग्राहक सेवा से जुड़ी ऐसी जानकारी मौजूद हो, जो कि सटीक हो और ग्राहकों को संतुष्ट करे. अगर आपकी साइटें खबरों से जुड़ी हैं, तो यह साफ़ तौर पर बताएं कि उनके कॉन्टेंट के लिए कौन ज़िम्मेदार है.

सही टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना भी ज़रूरी है. अगर शॉपिंग के लिए चेकआउट पेज पर सुरक्षित कनेक्शन मौजूद नहीं है, तो उपयोगकर्ता उस साइट पर भरोसा नहीं कर सकते.

साइट की विशेषज्ञता और अधिकार साफ़-साफ़ बताना

किसी साइट की विशेषज्ञता और उसके अधिकार, साइट की क्वालिटी को बढ़ाते हैं. पक्का करें कि आपकी साइट के लिए कॉन्टेंट बनाने और उसमें बदलाव करने वाले लोग, उस कॉन्टेंट के जानकार हों. उदाहरण के लिए, जानकार या अनुभवी स्रोतों के होने पर, लेख की विशेषज्ञता को उपयोगकर्ता समझ सकते हैं. वैज्ञानिक विषयों पर आधारित पेजों के लिए, ऐसी जानकारी देना अच्छा होता है जिस पर आम सहमति मौजूद हो.

अपने विषय के बारे में सही मात्रा में कॉन्टेंट उपलब्ध कराना

अच्छी क्वालिटी वाला कॉन्टेंट बनाने के लिए, इनमें से कम से कम एक चीज़ की ज़रूरत होती है: समय, मेहनत, विशेषज्ञता, और प्रतिभा/कौशल. पक्का करें कि आपका कॉन्टेंट तथ्यों के आधार पर सही, अच्छी तरह से लिखा हुआ, और ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी देने वाला हो. उदाहरण के लिए, अगर आप अपने पेज पर रेसिपी बताते हैं, तो सिर्फ़ सामग्री और पकवान की थोड़ी सी जानकारी देने के बजाय, पूरी और आसानी से समझ आने वाली रेसिपी बताएं.

ऐसा करने से बचें:

  • पेज की ज़रूरत के हिसाब से कम कॉन्टेंट उपलब्ध कराना.

ध्यान भटकाने वाले विज्ञापनों से बचना

हमें पता है कि आपकी साइट पर विज्ञापन दिखेंगे. हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि इन विज्ञापनों की वजह से, उपयोगकर्ताओं का ध्यान साइट से न हटे या उन्हें साइट का कॉन्टेंट देखने में कोई परेशानी न हो. उदाहरण के लिए, विज्ञापन, अतिरिक्त कॉन्टेंट या अचानक दिखने वाले पेज की वजह से, वेबसाइट का इस्तेमाल करने में मुश्किल आती है. अचानक दिखने वाले पेज, वे पेज होते हैं जो पेज पर आपके काम का कॉन्टेंट दिखने के पहले या बाद में दिखाए जाते हैं. इस विषय के बारे में ज़्यादा जानें.

ऐसा करने से बचें:

  • अपने पेज पर ध्यान भटकाने वाले विज्ञापन डालना.

लिंक का ठीक तरह से इस्तेमाल करना

अच्छे लिंक टेक्सट लिखना

लिंक टेक्स्ट, लिंक के अंदर दिखने वाला टेक्स्ट होता है. यह टेक्स्ट, उपयोगकर्ताओं और Google को उस पेज के बारे में कुछ बताता है जिसे आप जोड़ रहे हैं. आपके पेज पर मौजूद लिंक, अंदरूनी—आपकी साइट के दूसरे पेज की ओर इशारा करने वाले—या बाहरी—दूसरी साइटों के कॉन्टेंट पर ले जाने वाले हो सकते हैं. इनमें से किसी भी मामले में, आपका ऐंकर टेक्स्ट जितना बेहतर होगा, उपयोगकर्ताओं के लिए नेविगेट करना और Google के लिए यह समझना उतना ही आसान होगा कि आप जिस पेज से जोड़ रहे हैं वह किस विषय के बारे में है.

आपकी साइट पर ज़रूरी लिंक टेक्स्ट का सुझाव देने वाला डायग्राम.

सही ऐंकर टेक्स्ट के साथ, उपयोगकर्ता और सर्च इंजन आसानी से समझ सकते हैं कि जोड़े गए पेजों में कैसा कॉन्टेंट मौजूद है.

जानकारी देने वाला टेक्स्ट चुनना

ऐसा ऐंकर टेक्स्ट लिखें जो लिंक किए गए पेज के बारे में कम से कम, बुनियादी जानकारी ज़रूर देता हो.

  • "पेज", "लेख" या "यहां क्लिक करें" जैसे सामान्य ऐंकर टेक्स्ट लिखना.
  • ऐसे टेक्स्ट का इस्तेमाल करना जो विषय से हटकर है या जोड़े गए पेज के कॉन्टेंट से उसका कोई संबंध नहीं है.
  • ज़्यादातर मामलों में पेज के यूआरएल को ऐंकर टेक्स्ट के तौर पर इस्तेमाल करना. हालांकि, इसमें पक्के तौर से इसका सही इस्तेमाल होता है, जैसे कि किसी नई वेबसाइट के पते का प्रचार करना या रेफ़रंस देना.
छोटे टेक्स्ट लिखना

छोटे, लेकिन जानकारी देने वाले टेक्स्ट लिखें. इनमें आम तौर पर कुछ शब्द या छोटे वाक्यांश शामिल हो सकते हैं.

  • लंबे ऐंकर टेक्स्ट लिखना, जैसे कि एक लंबा वाक्य या लेख का छोटा पैराग्राफ़.

उपयोगकर्ताओं के लिए नियमित टेक्स्ट और आपके लिंक के ऐंकर टेक्स्ट के बीच अंतर करना आसान बनाएं. अगर उपयोगकर्ता, लिंक को भूल जाते हैं या उन्हें गलती से क्लिक करते हैं, तो आपका कॉन्टेंट कम उपयोगी हो जाता है.

  • सीएसएस या लिखने की शैली का इस्तेमाल करना जो लिंक को नियमित टेक्स्ट जैसा बना देते हैं.

आम तौर पर, आप बाहरी वेबसाइटों की ओर इशारा करते हुए लिंक जोड़ने के बारे में सोच सकते हैं. हालांकि, अंदरूनी लिंक के लिए इस्तेमाल किए गए ऐंकर टेक्स्ट पर ज़्यादा ध्यान देने से, उपयोगकर्ताओं और Google को आपकी साइट को बेहतर ढंग से नेविगेट करने में मदद मिल सकती है.

  • सिर्फ़ सर्च इंजन के लिए बहुत ज़्यादा कीवर्ड से भरना या लंबे ऐंकर टेक्स्ट का इस्तेमाल करना.
  • ग़ैर-ज़रूरी लिंक बनाना जो उपयोगकर्ता को साइट नेविगेट करने में मदद नहीं करते.

सावधान रहें कि आप किससे जोड़ते हैं

जब आपकी साइट पर किसी दूसरी साइट का लिंक होता है, तब आपकी साइट की प्रतिष्ठा का फ़ायदा दूसरी साइट को भी मिल सकता है. कभी-कभी उपयोगकर्ता आपकी साइट के टिप्पणी वाले सेक्शन या मैसेज बोर्ड में अपनी साइट के लिंक जोड़कर इसका फ़ायदा ले सकते हैं. कई मामलों में, ऐसा भी हो सकता है कि आप किसी साइट का ज़िक्र किसी गलत काम का उदाहरण देने के लिए करते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते कि वह साइट आपकी प्रतिष्ठा का फ़ायदा ले सके. उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि आप स्पैम टिप्पणी करने के विषय पर एक ब्लॉग पोस्ट लिख रहे हैं और आप उस साइट का ज़िक्र करना चाहते हैं जिसने हाल ही में आपके ब्लॉग के बारे में स्पैम टिप्पणी की है. आप किसी साइट के बारे में दूसरे लोगों को सावधान करना चाहते हैं, इसलिए आप अपने कॉन्टेंट में उसका लिंक शामिल करते हैं. हालांकि, आप बिल्कुल नहीं चाहते कि लिंक शामिल करने से, उस साइट को आपकी प्रतिष्ठा का कोई फ़ायदा मिले. ऐसे में, nofollow का इस्तेमाल करना ठीक रहेगा.

विजेट लिंक में भी nofollow एट्रिब्यूट का इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर आप अपनी साइट के अनुभव को बेहतर बनाने और उपयोगकर्ताओं की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए, तीसरे पक्ष का विजेट इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जांच लें कि कहीं इसमें कोई ऐसा लिंक तो नहीं है जिसे आप विजेट के साथ अपनी साइट पर नहीं रखना चाहते हैं. कुछ विजेट आपकी साइट पर ऐसे लिंक जोड़ सकते हैं जो आपकी पसंद के मुताबिक नहीं हैं. इनमें ऐसे ऐंकर टेक्स्ट शामिल होते हैं जिन्हें आप वेबसाइट के मालिक के तौर पर कंट्रोल नहीं कर सकते. अगर विजेट से ऐसे अनचाहे लिंक नहीं हटाए जा सकते, तो आप उन्हें nofollow की मदद से कभी भी बंद कर सकते हैं. अगर आप किसी काम के लिए या अपने कॉन्टेंट के लिए कोई विजेट बनाते हैं, तो पक्का करें कि डिफ़ॉल्ट कोड स्निपेट में लिंक के साथ nofollow को शामिल किया जाए.

आखिर में, अगर आप किसी पेज पर मौजूद सभी लिंक को nofollow करने में दिलचस्पी रखते हैं, तो आप पेज के <head> टैग में <meta name="robots" content="nofollow"> टैग जोड़ सकते हैं. आप हमारे दस्तावेज़ में robots मेटा टैग के बारे में ज़्यादा जानकारी देख सकते हैं.

nofollow का इस्तेमाल करके, स्पैम टिप्पणी को रोकना

आप Google को यह बता सकते हैं कि आपकी साइट पर मौजूद, लिंक किए गए कुछ पेजों को फ़ॉलो न किया जाए. इसके अलावा, आप यह भी बता सकते हैं कि लिंक किए गए पेजों को आपके पेज की प्रतिष्ठा का फ़ायदा न पंहुचाया जाए. यह जानकारी देने के लिए, किसी लिंक के rel एट्रिब्यूट की वैल्यू को nofollow या ugc पर सेट करें. किसी लिंक को nofollow करने का मतलब है कि लिंक के ऐंकर टैग में rel="nofollow" या ugc जैसे ज़्यादा खास एट्रिब्यूट को जोड़ना, जैसा कि यहां दिखाया गया है:

<a href="http://www.example.com" rel="nofollow">Anchor text here</a>

या:

<a href="http://www.example.com" rel="ugc">Anchor text here</a>

यह कब उपयोगी होगा? अगर आपकी साइट पर एक ब्लॉग है जिस पर सार्वजनिक टिप्पणी की सुविधा चालू है, तो टिप्पणियों के अंदर मौजूद लिंक, कई पेजों को आपकी प्रतिष्ठा का फ़ायदा पहुंचा सकते हैं. हो सकता है कि आप उन पेजों को लेकर सहज न हों. पेज पर ब्लॉग टिप्पणी वाले हिस्से में स्पैम टिप्पणी किए जाने की बहुत ज़्यादा आशंका होती है. उपयोगकर्ता के जोड़े गए इन लिंक को nofollow करने से, यह पक्का होता है कि आप किसी स्पैम वाली साइट को, अपने पेज के लिए मेहनत से कमाई गई प्रतिष्ठा का फ़ायदा नहीं लेने देना चाहते.

उपयोगकर्ता की ऐसी टिप्पणी का उदाहरण जिसमें बाहरी लिंक मौजूद हैं.

टिप्पणी के कॉलम और मैसेज बोर्ड पर अपने-आप nofollow जोड़ना

कई ब्लॉगिंग सॉफ़्टवेयर पैकेज, अपने-आप उपयोगकर्ता टिप्पणियों को nofollow करते हैं, लेकिन जो ऐसा नहीं करते उनमें मैन्युअल तौर पर बदलाव करके, ऐसा किया जा सकता है. यह सलाह आपकी साइट के उन दूसरे हिस्सों पर भी लागू होती है जिनमें यूज़र जनरेटेड कॉन्टेंट शामिल हो सकता है, जैसे कि गेस्टबुक, फ़ोरम, शाउट-बोर्ड, रेफ़रल देने वालों की सूचियां वगैरह. अगर आप तीसरे पक्षों (जैसे, अगर कोई टिप्पणी करने वाला आपकी साइट के हिसाब से भरोसेमंद है) के जोड़े गए लिंक की ज़िम्मेदारी लेते हैं, तो लिंक पर nofollow का इस्तेमाल करने की कोई ज़रूरत नहीं है. हालांकि, अगर आप अपनी साइट को ऐसी साइटों से जोड़ते हैं जिन्हें Google स्पैम वाली साइटों के तौर पर जानता है, तो इससे आपकी साइट पर आने वाले ट्रैफ़िक और उसकी रैंक पर असर पड़ सकता है. Google Search Central के दस्तावेज़ में, स्पैम टिप्पणी से बचने के बारे में ज़्यादा सलाह दी गई हैं. इसमें कैप्चा का इस्तेमाल करने और टिप्पणियों पर नियंत्रण करने जैसी सुविधाओं के बारे में बताया गया है.

कैप्चा पॉप-अप का उदाहरण

अपनी इमेज ऑप्टिमाइज़ करना

एचटीएमएल इमेज का इस्तेमाल करना

अपने कॉन्टेंट में इमेज जोड़ने के लिए, एचटीएमएल इमेज एलिमेंट का इस्तेमाल करना.

एचटीएमएल के <img> या <picture> एलिमेंट का इस्तेमाल करना

सिमैंटिक एचटीएमएल मार्कअप, इमेज ढूंढने और उन्हें प्रोसेस करने में क्रॉलर की मदद करता है. <picture> एलिमेंट का इस्तेमाल करके, आप अलग-अलग साइज़ की स्क्रीन के लिए, रिस्पॉन्सिव इमेज के एक से ज़्यादा विकल्प भी बता सकते हैं. आप इमेज पर loading="lazy" एट्रिब्यूट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं, ताकि आपके उपयोगकर्ताओं के लिए आपका पेज तेज़ी से लोड हो सके.

ऐसा करने से बचें:

  • आप जिन इमेज को हमसे इंडेक्स करवाना चाहते हैं उन्हें दिखाने के लिए सीएसएस का इस्तेमाल करना.

alt एट्रिब्यूट का इस्तेमाल करना

इमेज के लिए, alt एट्रिब्यूट में जानकारी दें. साथ ही, फ़ाइल का ऐसा नाम दें जिसमें उसकी कुछ जानकारी हो. अगर इमेज किसी वजह से दिखाई नहीं जा सकती है, तो alt एट्रिब्यूट की मदद से आप इमेज के लिए ऑल्ट टेक्स्ट दे सकते हैं.

इमेज के लिए बेहतर ऑल्ट टेक्स्ट की ज़रूरत दिखाने वाला उदाहरण.

इस एट्रिब्यूट का इस्तेमाल क्यों करें? अगर कोई उपयोगकर्ता आपकी साइट को स्क्रीन रीडर जैसी सहायक तकनीकों का इस्तेमाल करके देख रहा है, तो alt एट्रिब्यूट का कॉन्टेंट, तस्वीर के बारे में जानकारी देता है.

एक और वजह यह है कि अगर आप किसी इमेज को एक लिंक के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उस इमेज के ऑल्ट टेक्स्ट के साथ वैसा ही व्यवहार किया जाएगा जैसा टेक्स्ट लिंक के ऐंकर टेक्स्ट के साथ किया जाता है. हालांकि, हम ऐसी स्थिति में आपकी साइट के नेविगेशन में लिंक के लिए बहुत सारी इमेज का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं देते हैं, जबकि टेक्स्ट लिंक यह काम कर सकता है. आखिर में, जब भी आप अपने इमेज फ़ाइल के नामों को ऑप्टिमाइज़ करते हैं, तो ऑल्ट टेक्स्ट की मदद से Google Images जैसे इमेज सर्च प्रोजेक्ट के लिए आपकी इमेज को बेहतर ढंग से समझना आसान हो जाता है.

छोटे, लेकिन जानकारी देने वाले फ़ाइल नाम और ऑल्ट टेक्स्ट का इस्तेमाल करना

जिस तरह ऑप्टिमाइज़ेशन के लिए पेज के कई हिस्सों को टारगेट किया जाता है, उसी तरह फ़ाइल के नाम और ऑल्ट टेक्स्ट, उस स्थिति में सबसे कारगर होते हैं जब वे छोटे, लेकिन जानकारी देने वाले होते हैं.

  • जहां हो सके वहां सामान्य फ़ाइल नामों का इस्तेमाल करना, जैसे कि image1.jpg, pic.gif, 1.jpg—अगर आपकी साइट पर हज़ारों इमेज हैं, तो आप इमेज का नाम अपने-आप तय किए जाने के बारे में सोच सकते हैं.
  • फ़ाइल के बहुत लंबे नाम लिखना.
  • ऑल्ट टेक्स्ट में कीवर्ड भरना या पूरे वाक्यों को कॉपी करके चिपकाना.

अगर आप किसी इमेज को लिंक के तौर पर इस्तेमाल करने का फ़ैसला करते हैं, तो इसमें ऑल्ट टेक्स्ट का इस्तेमाल करने से, Google को उस पेज के बारे में और समझने में मदद मिलती है जिसे आपने जोड़ा है. सोचिए कि आप टेक्स्ट लिंक के लिए ऐंकर टेक्स्ट लिख रहे हैं.

  • बहुत ही लंबा ऑल्ट टेक्स्ट लिखना, जिसे स्पैम समझा जा सकता है.
  • अपनी साइट के नेविगेशन के लिए सिर्फ़ इमेज लिंक का इस्तेमाल करना.

अपनी इमेज ढूंढने में सर्च इंजन की मदद करना

इमेज के साइटमैप की मदद से, Googlebot को आपकी साइट पर मौजूद इमेज के बारे में ज़्यादा जानकारी मिल सकती है. इससे Google Images के नतीजों में आपकी इमेज के मिलने की संभावना बढ़ जाती है. इस फ़ाइल की बनावट, आपके वेब पेज की एक्सएमएल साइटमैप फ़ाइल की तरह होती है.

इमेज के स्टैंडर्ड फ़ॉर्मैट का इस्तेमाल करना

आम तौर पर काम करने वाली फ़ाइलों का इस्तेमाल करें. ज़्यादातर ब्राउज़र पर JPEG, GIF, PNG, BMP, और WebP इमेज फ़ॉर्मैट काम करते हैं. फ़ाइल टाइप के साथ अपने फ़ाइल नाम मिलान का एक्सटेंशन होना भी एक अच्छा तरीका है.

अपनी साइट को मोबाइल-फ़्रेंडली बनाना

आज की दुनिया, मोबाइल की दुनिया है. ज़्यादातर लोग मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल करके Google पर खोज करते हैं. किसी साइट के डेस्कटॉप वर्शन को मोबाइल डिवाइस पर देखना और इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता है. इस वजह से, इंटरनेट पर असरदार मौजूदगी के लिए, मोबाइल पर इस्तेमाल की जा सकने वाली साइट ज़रूरी है. दरअसल, साल 2016 के आखिर में, रैंकिंग देने, स्ट्रक्चर्ड डेटा पार्स करने, और स्निपेट जनरेट करने के लिए, Google ने साइट के कॉन्टेंट के मोबाइल वर्शन को खास तौर पर आज़माना शुरू कर दिया था.

मोबाइल के लिए कोई रणनीति चुनना

आपकी वेबसाइट को मोबाइल के लिए तैयार करने के कई तरीके हैं और Google इसके लिए, अलग-अलग तरीकों से काम करता है :

मोबाइल पर काम करने वाली साइट बनाने के बाद, आप Google की मोबाइल-फ़्रेंडली जांच का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसकी मदद से, आप देख सकते हैं कि क्या Google Search के नतीजे दिखाने वाले पेजों पर, आपकी साइट के पेजों के साथ मोबाइल-फ़्रेंडली का लेबल इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं. Search Console में, साइट को मोबाइल पर इस्तेमाल करने की रिपोर्ट देखकर, आप अपनी साइट पर आने वाली उन समस्याओं को भी ठीक कर सकते हैं जो मोबाइल पर इस्तेमाल करने के दौरान आती हैं.

अगर आपकी साइट के कई पेजों में ऐसा कॉन्टेंट (जैसे कि ब्लॉग पोस्ट या प्रॉडक्ट के लैंडिंग पेज) है जिसमें बदलाव नहीं किया जा सकता, तो कॉन्टेंट दिखाने के लिए एएमपी (Accelerated Mobile Pages) का इस्तेमाल करें. यह एचटीएमएल का ऐसा खास फ़ॉर्मैट है जो यह पक्का करता है कि आपकी साइट तेज़ और उपयोगकर्ता के लिए आसान बनी रहे. साथ ही, इसे Google Search के साथ-साथ कई प्लैटफ़ॉर्म की मदद से, और भी तेज़ किया जा सकता है.

मोबाइल साइटों को कॉन्फ़िगर करना, ताकि उन्हें सही ढंग से इंडेक्स किया जा सके

आपने अपनी मोबाइल साइट को सेट अप करने के लिए चाहे जो भी कॉन्फ़िगरेशन चुना हो, फिर भी इन ज़रूरी बातों का ध्यान रखें:

  1. अगर आप डाइनैमिक सेवा (उपयोगकर्ता के डिवाइस के हिसाब से पेज दिखाना) का इस्तेमाल करते हैं या आपकी एक अलग मोबाइल साइट है, तो किसी पेज को मोबाइल के हिसाब से फ़ॉर्मैट करने पर Google को बताएं. इसके अलावा, मोबाइल के हिसाब से फ़ॉर्मैट किए गए पेज के जैसा कोई पेज होने पर भी, यह जानकारी Google को दें. यह Google के खोज नतीजों में, मोबाइल से खोज करने वालों के लिए, आपका कॉन्टेंट सही ढंग से पेश करने में मदद करता है.
  2. अगर आप रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो ब्राउज़र को कॉन्टेंट में बदलाव करने के बारे में बताने के लिए, meta name="viewport" टैग का इस्तेमाल करें. अगर आप डाइनैमिक सेवा (उपयोगकर्ता के डिवाइस के हिसाब से पेज दिखाना) का इस्तेमाल करते हैं, तो आप उपयोगकर्ता एजेंट के आधार पर अपने बदलावों के बारे में बताने के लिए, अलग-अलग एचटीटीपी हेडर का इस्तेमाल करें. अगर आप अलग-अलग यूआरएल का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो rel="canonical" और rel="alternate" एलिमेंट के साथ <link> टैग को जोड़कर, दो यूआरएल के संबंध के बारे में बताएं.
  3. रिसॉर्स को ऐसा बनाएं कि उन्हें क्रॉल किया जा सके. हो सकता है कि पेज रिसॉर्स पर रोक लगाने से, Google को आपकी वेबसाइट की अधूरी जानकारी मिले. ऐसा अक्सर तब होता है, जब आपकी robots.txt फ़ाइल आपके कुछ या सभी पेज रिसॉर्स तक ऐक्सेस रोक रही हो. अगर Googlebot के पास किसी पेज के रिसॉर्स का ऐक्सेस नहीं है, जैसे कि सीएसएस, JavaScript या इमेज, तो हम यह पता नहीं लगा सकते कि इसे मोबाइल ब्राउज़र पर दिखाने और अच्छी तरह काम करने के लिए बनाया गया है. दूसरे शब्दों में, हो सकता है कि हम यह पता नहीं लगा पाएं कि पेज मोबाइल-फ़्रेंडली है. इसलिए, उसे मोबाइल पर खोज करने वालों को ठीक से पेश न कर पाएं.
  4. ऐसी सामान्य गलतियों से बचें जो मोबाइल पर आपका कॉन्टेंट देखने वालों को निराश करती हैं, जैसे कि ऐसे वीडियो दिखाना जो चलते नहीं हैं.
  5. खोज का बुरा अनुभव देने वाले मोबाइल वर्शन के पेजों की रैंकिंग कम की जा सकती है या फिर उन्हें मोबाइल सर्च के नतीजों में चेतावनी के साथ दिखाया जा सकता है. इसमें, मोबाइल पर साइट के पेज खोलते समय पूरे पेज पर विज्ञापन या दूसरी जानकारी दिखने जैसी समस्याएं भी शामिल हैं, जिनसे उपयोगकर्ता को परेशानी होती है.
  6. सभी डिवाइस पर सारे फ़ंक्शन उपलब्ध कराएं. मोबाइल उपयोगकर्ता, मोबाइल और उन सभी डिवाइस पर किसी काम के लिए एक ही तरह के फ़ंक्शन की उम्मीद करते हैं जिन पर आपकी वेबसाइट खुलती है. जैसे, हर डिवाइस पर एक ही तरह से टिप्पणी करना, चेक आउट करना, और कॉन्टेंट की उपलब्धता. पक्का करें कि टेक्स्ट कॉन्टेंट के साथ-साथ सभी अहम इमेज और वीडियो एम्बेड किए गए हों. साथ ही, यह भी पक्का करें कि उन्हें मोबाइल डिवाइस पर ऐक्सेस किया जा सकता हो. सर्च इंजन के लिए, अपने पेज के सभी वर्शन पर सभी स्ट्रक्चर्ड डेटा और दूसरे मेटाडेटा, जैसे कि शीर्षक, जानकारी, लिंक-एलिमेंट, और दूसरे मेटा टैग दें.
  7. पक्का करें कि आपकी डेस्कटॉप साइट पर मौजूद स्ट्रक्चर्ड डेटा, इमेज, वीडियो, और मेटाडेटा मोबाइल साइट पर भी शामिल किए गए हों.

सबसे सही तरीके

  • मोबाइल-फ़्रेंडली जांच की मदद से, अपनी साइट के मोबाइल वर्शन वाले पेज की जांच करें. इससे, आपको यह पता चलेगा कि Google के हिसाब से आपकी साइट, मोबाइल पर अच्छी तरह काम करती है या नहीं.
  • अगर आप अपने मोबाइल वर्शन वाले पेजों के लिए अलग यूआरएल का इस्तेमाल करते हैं, तो साइट के मोबाइल और डेस्कटॉप यूआरएल की जांच कर लें. इससे आप यह जान पाएंगे कि दूसरे वेबलिंक पर भेजने वाले लिंक की पहचान की जा सकती है या नहीं और इसके पेज को क्रॉल किया जा सकता है या नहीं.

ज़्यादा जानकारी के लिए, Google की मोबाइल-फ़्रेंडली गाइड देखें.

अपनी वेबसाइट का प्रचार करना

जैसे-जैसे लोग आपके कॉन्टेंट को Search के ज़रिए या दूसरे तरीकों से खोजेंगे, आपकी साइट के ज़्यादातर लिंक धीरे-धीरे जुड़ते जाएंगे. फिर भी, Google यह समझता है कि आप दूसरों को बताना चाहते हैं कि आपने अपने कॉन्टेंट के लिए कितनी कड़ी मेहनत की है. अपने नए कॉन्टेंट का बेहतर ढंग से प्रचार करने से वे लोग इसे जल्दी खोज पाएंगे जिन्हें इस तरह के विषय पसंद हैं. इस दस्तावेज़ में शामिल ज़्यादातर बिंदुओं की तरह ही, इन सुझावों का बहुत हद तक पालन करने से, असल में आपकी साइट की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है.

अपनी साइट पर आने वालों को यह बताने के लिए एक ब्लॉग पोस्ट डालें कि आपने कुछ नया जोड़ा है. नए कॉन्टेंट या सेवाओं के बारे में लोगों को बताने का यह एक अच्छा तरीका है. आपकी साइट को फ़ॉलो करने वाले अन्य वेबसाइट के मालिक उस खबर को चुन सकते हैं. ऐसा, आरएसएस फ़ीड की मदद से भी किया जा सकता है.

आपकी कंपनी या साइट के ऑफ़लाइन प्रचार के लिए मेहनत करना भी फ़ायदेमंद हो सकता है. उदाहरण के लिए, अगर आपके पास कारोबार की एक साइट है, तो पक्का करें कि उसका यूआरएल आपके कारोबार कार्ड, लेटरहेड, पोस्टर वगैरह पर दिया गया है. आप मेल से, ग्राहकों को बार-बार आने वाले न्यूज़लेटर भेज सकते हैं. साथ ही, उन्हें कंपनी की वेबसाइट पर नए कॉन्टेंट के बारे में जानकारी दे सकते हैं.

अगर आप किसी स्थानीय कारोबार के मालिक हैं, तो Google My Business पर कारोबार की जानकारी डालने से, आपको Google Search और Google Maps पर ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिलेगी.

दुकानों के लिए, ज़्यादा बेहतर नतीजे (रिच रिज़ल्ट) दिखाने वाले Google Search के नतीजे का उदाहरण.

सोशल मीडिया साइटों के बारे में जानना

उपयोगकर्ताओं के साथ इंटरैक्शन और शेयर करने की सुविधा वाली साइटों की वजह से, लोगों तक ऐसा कॉन्टेंट पहुंचाना आसान हो गया है जैसा उन्हें पसंद है.

ऐसा करने से बचें:

  • अपने कॉन्टेंट के हर नए और छोटे हिस्से का प्रचार करने से बेहतर ये होगा कि आप साइट के बड़े और दिलचस्प हिस्सों का प्रचार करें.
  • अपनी साइट को ऐसी स्कीम में शामिल करना जहां आपके कॉन्टेंट को गलत तरीके से इन सेवाओं में सबसे ऊपर दिखाया जाता है.

हो सकता है कि ऐसी कई साइटें हों जो आपके विषय से मिलती-जुलती चीज़ों पर कॉन्टेंट कवर करती हों. इन साइटों के साथ बातचीत करना आम तौर पर फ़ायदेमंद होता है. आपको अपने आस-पास मौजूद लोगों और समुदाय से चर्चित विषयों पर नया कॉन्टेंट बनाने के लिए नए आइडिया मिल सकते हैं. इसके अलावा, इससे साइट पर आने वाले लोगों की संख्या बढ़ाई जा सकती है.

ऐसा करने से बचें:

  • अपने विषय से जुड़ी सभी साइटों पर, खाते को जोड़ने के अनुरोध स्पैम करना.
  • PageRank पाने के मकसद से किसी दूसरी साइट से लिंक खरीदना.

खोज के नतीजों में साइट की परफ़ॉर्मेंस और उपयोगकर्ता के व्यवहार का विश्लेषण करना

इस बात का विश्लेषण करना कि खोज के नतीजों में आपकी साइट की परफ़ॉर्मेंस कैसी है

Google के साथ-साथ बड़े सर्च इंजन, वेबसाइट के मालिकों को मुफ़्त टूल उपलब्ध कराते हैं, ताकि वे सर्च इंजन में अपनी साइट की परफ़ॉर्मेंस का पता लगा सकें. Google के लिए वह टूल Search Console है.

Search Console दो अहम कैटगरी की जानकारी उपलब्ध कराता है: क्या Google मेरे कॉन्टेंट को ढूंढ सकता है? Google Search के नतीजों में मेरी साइट की परफ़ॉर्मेंस कैसी है?

Search Console का इस्तेमाल करने से आपकी साइट को खास प्राथमिकता नहीं मिलेगी. हालांकि, यह उन समस्याओं की पहचान करने में आपकी मदद कर सकता है जिन्हें ठीक करने पर, खोज के नतीजों में आपकी साइट की परफ़ॉर्मेंस बेहतर हो सकती है.

इस सेवा से, वेबसाइट के मालिक ये काम कर सकते हैं:

  • यह देखना कि किसी साइट के किन हिस्सों पर Googlebot को क्रॉल करने में समस्याएं थीं
  • साइटमैप की जांच करना और उसे सबमिट करना
  • Robots.txt फ़ाइलों का विश्लेषण करना या जनरेट करना
  • Googlebot के ज़रिए पहले से क्रॉल किए गए यूआरएल हटाना
  • अपना पसंदीदा डोमेन बताना
  • title और description मेटा टैग से जुड़ी समस्याओं की पहचान करना
  • किसी साइट तक पहुंचने के लिए, इस्तेमाल की जाने वाली सबसे ज़्यादा बार की गई खोजों को समझना
  • Googlebot पेज को कैसे देखता है, इसकी एक झलक पाना
  • क्वालिटी के लिए दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होने पर सूचनाएं पाना और साइट की फिर से समीक्षा करने का अनुरोध करना

Microsoft का Bing Webmaster Tools भी वेबसाइट के मालिकों को मुफ़्त टूल ऑफ़र करता है.

आपकी साइट को उपयोगकर्ता कैसे देखते, पढ़ते, और इस्तेमाल करते हैं, इसका विश्लेषण करना

अगर आपने Google Search Console या दूसरी सेवाओं का इस्तेमाल करके अपनी साइट की क्रॉलिंग और इंडेक्सिंग में सुधार किया है, तो आप शायद अपनी साइट पर आने वाले ट्रैफ़िक के बारे में ज़रूर जानना चाहेंगे. Google Analytics जैसे वेब ऐनलिटिक्स प्रोग्राम, इसके लिए जानकारी का एक अहम ज़रिया हैं. आप ये काम करने के लिए इनका इस्तेमाल कर सकते हैं:

  • उपयोगकर्ता आपकी साइट तक कैसे पहुंचते हैं और कैसा व्यवहार करते हैं, इसकी जानकारी पाना
  • अपनी साइट के सबसे लोकप्रिय कॉन्टेंट का पता लगाना
  • अपनी साइट पर किए गए ऑप्टिमाइज़ेशन के असर को जानना. जैसे, क्या title और description मेटा टैग को बदलने से, सर्च इंजन से आने वाले ट्रैफ़िक में सुधार हुआ?

ज़्यादा जानकारी रखने वाले उपयोगकर्ता बेहतर तरीके से चीज़ों को समझ सकते हैं. आंकड़ों के पैकेज से मिलने वाली जानकारी, आपकी सर्वर लॉग फ़ाइलों के डेटा के साथ मिलकर, इस बारे में और भी ज़्यादा जानकारी दे सकती है कि वेबसाइट पर आने वाले उपयोगकर्ता, आपके दस्तावेज़ों का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं. इस जानकारी में दूसरे कीवर्ड भी शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल लोग आपकी साइट को खोजने के लिए कर सकते हैं.

जानकारी पाने के दूसरे तरीके

Google Search Central ब्लॉग
Google Search Central के हमारे ब्लॉग से नई जानकारी पाएं. आप Google Search के अपडेट, Search Console की नई सुविधाओं, और दूसरी कई चीज़ों के बारे में जानकारी पा सकते हैं.

Google Search Central का सहायता फ़ोरम
अपनी साइट से जुड़ी समस्याओं के बारे में सवाल पोस्ट करें और वेबसाइट के मालिकों के लिए बने प्रॉडक्ट फ़ोरम से अच्छी क्वालिटी वाली साइटें बनाने के बारे में सलाह पाएं. फ़ोरम पर योगदान देने वाले कई लोग बहुत अनुभवी होते हैं. इनमें, प्रॉडक्ट एक्सपर्ट और समय-समय पर योगदान देने वाले Googlers शामिल हैं.

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Search के काम करने का तरीका जानें
इससे आप यह समझ पाएंगे कि कुछ खोजने पर, Google Search कैसे काम करता है. आपको कुछ मज़ेदार बातें पता चलेंगी!

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