खोज के नतीजों में अपना वीडियो दिखाने के सबसे सही तरीके

वीडियो एक ऐसा फ़ॉर्मैट है जिसे वेब पर कॉन्टेंट बनाने और देखने के लिए सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है. Google, उपयोगकर्ताओं को वीडियो दिखाने के लिए लाखों अलग-अलग साइटों से वीडियो इंडेक्स करता है. वीडियो, Google पर कई अलग-अलग जगहों पर दिख सकते हैं. इनमें, खोज नतीजों वाला मुख्य पेज, वीडियो के खोज नतीजे, Google Images, और डिस्कवर शामिल हैं:

Google के खोज नतीजों, वीडियो टैब, और डिस्कवर में वीडियो कॉन्टेंट दिखाए जाने का स्क्रीनशॉट

इन सबसे सही तरीकों को अपनाकर, अपने वीडियो को Google के खोज नतीजों में दिखाने के लिए ऑप्टिमाइज़ करें:

  1. अपने वीडियो ढूंढने में Google की मदद करना
  2. यह पक्का करना कि आपके वीडियो इंडेक्स किए जा सकें
  3. Google को वीडियो कॉन्टेंट वाली अपनी फ़ाइलें फ़ेच करने की अनुमति देना
  4. वीडियो से जुड़ी खास सुविधाएं चालू करना
  5. अपने वीडियो को ज़रूरत के हिसाब से हटाना, उन पर पाबंदी लगाना या उन्हें अपडेट करना

अपने वीडियो ढूंढने में Google की मदद करना

  • पक्का करें कि हर वीडियो किसी ऐसे सार्वजनिक वेब पेज पर मौजूद हो जहां उपयोगकर्ता उसे देख सकें. यह भी देख लें कि पेज को robots.txt या noindex मेटाडेटा का इस्तेमाल करके ब्लॉक न किया गया हो. इससे यह पक्का हो जाता है कि Google आपके पेज को ढूंढ सकता है और इंडेक्स कर सकता है.
  • अपने वीडियो को सही एचटीएमएल टैग में शामिल करें. एचटीएमएल टैग की मदद से, Google आपके पेज पर मौजूद वीडियो की पहचान ज़्यादा आसानी से कर सकता है. उदाहरण के लिए: <video>, <embed>, <iframe> या <object>.
  • Google आपके वीडियो और भी आसानी से ढूंढ सके, इसके लिए वीडियो साइटमैप सबमिट करें.
    • साइटमैप की जांच करने और उन्हें सबमिट करने के लिए, सबसे पहले अपनी साइट को Search Console में जोड़ें और उसकी पुष्टि करें. पक्का करें कि आपने उस साइट की पुष्टि की है जिसमें साइटमैप है. साथ ही, उन सभी साइटों की भी पुष्टि करें जिनके बारे में साइटमैप में बताया गया है.
    • Search Console साइटमैप टूल में अपने साइटमैप की जांच करें और उसे सबमिट करें या इसके लिए Search Console API का इस्तेमाल करें.
  • इस बात का ध्यान रखें कि पेज पर वीडियो देखने के लिए, उपयोगकर्ता को मुश्किल कार्रवाइयां न करनी पड़े या कोई खास यूआरएल फ़्रैगमेंट लोड करना ज़रूरी न हो. ऐसा होने पर, हो सकता है कि Google वीडियो को न ढूंढ पाए.
    • ऐसा न हो कि उपयोगकर्ता आपके जिस कॉन्टेंट पर क्लिक करे उसे लोड होने में समय लगे. शायद, Googlebot ऐसा कॉन्टेंट न ढूंढ पाए जिसे लोड करने के लिए, उपयोगकर्ताओं के इंटरैक्शन (उदाहरण के लिए, स्वाइप करना, क्लिक करना या टाइप करना) की ज़रूरत हो. पक्का करें कि Google धीमी रफ़्तार से लोड होने वाला कॉन्टेंट इंडेक्स कर सके.
    • अगर आप कुछ खास स्थितियों में, JavaScript के ज़रिए वीडियो ऑब्जेक्ट को एम्बेड करने के लिए, मुश्किल JavaScript का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो शायद Google आपके वीडियो को सही तरह से इंडेक्स न कर पाए.
    • कॉन्टेंट या लैंडिंग पेज के ऐसे यूआरएल इस्तेमाल नहीं किए जाते जिनमें फ़्रैगमेंट के पहचानकर्ता की ज़रूरत होती है.
    • पक्का करें कि आपके वीडियो वाले पेजों पर वीडियो दिख रहे हैं और उन्हें आसानी से ढूंढा जा सकता है. हमारा सुझाव है कि हर वीडियो के लिए एक अलग पेज होना चाहिए, जिसमें वीडियो की जानकारी देने वाले शीर्षक या ब्यौरे शामिल हों. हर वीडियो के लिए अलग-अलग शीर्षक या ब्यौरे होने चाहिए. पक्का करें कि वीडियो, पेज पर मुख्य तौर पर दिखाए गए हों. वे छिपे नहीं होने चाहिए या उन्हें ढूंढना मुश्किल नहीं हो.

तीसरे पक्ष के, एम्बेड किए गए वीडियो प्लेयर

अगर आपकी वेबसाइट पर, YouTube, Vimeo या Facebook जैसे तीसरे पक्ष के प्लैटफ़ॉर्म से वीडियो एम्बेड किए जाते हैं, तो Google, आपके वेब पेज और तीसरे पक्ष की होस्टिंग साइट के ऐसे पेज जिस पर वीडियो मौजूद है, दोनों से वीडियो को इंडेक्स कर सकता है. दोनों वर्शन, Google पर वीडियाे से जुड़े खोज के नतीजों में दिख सकते हैं.

आपको अपने उस पेज के लिए भी स्ट्रक्चर्ड डेटा देना चाहिए जिस पर आपने तीसरे पक्ष का वीडियो प्लेयर एम्बेड किया है. साथ ही, आप इन पेजों को अपने वीडियो साइटमैप में भी शामिल कर सकते हैं. पक्का करें कि आपका वीडियो होस्ट करने वाला पेज, Google को आपका वीडियो कॉन्टेंट फ़ेच करने की अनुमति देता हो. उदाहरण के तौर पर, सार्वजनिक वीडियो के लिए, YouTube यह सुविधा उपलब्ध कराता है.

यह पक्का करना कि आपके वीडियो इंडेक्स किए जा सकें

अगर Google किसी पेज पर वीडियो की पहचान करता है, तो उसे वीडियो के खोज नतीजों में दिखाने के लिए, Google को ज़्यादा जानकारी की ज़रूरत होती है.

अच्छी क्वॉलिटी वाला थंबनेल उपलब्ध कराना

Google पर वीडियो खोज नतीजों में दिखने के लिए, वीडियो की एक मान्य थंबनेल इमेज होनी चाहिए. थंबनेल न होने पर, हो सकता है कि पेज इंडेक्स तो किया गया हो, लेकिन वह सिर्फ़ सादे नीले लिंक के तौर पर दिखे.

आप Google को वीडियो का थंबनेल जनरेट करने की अनुमति दे सकते हैं. अगर आप ऐसा नहीं करना चाहते, तो थंबनेल जनरेट करने के लिए यहां दिए तरीकों में से कोई भी तरीका अपना सकते हैं:

काम करने वाले थंबनेल फ़ॉर्मैट: Google Images पर काम करने वाले फ़ॉर्मैट की सूची देखें.

साइज़: थंबनेल का साइज़ कम से कम 60x30 पिक्सल या उससे ज़्यादा होना चाहिए

जगह: यह ज़रूरी है कि Googlebot, थंबनेल फ़ाइल को ऐक्सेस कर पाए. फ़ाइल को, robots.txt इस्तेमाल करके ब्लॉक न करें या उसे ऐक्सेस करने के लिए लॉगिन करना ज़रूरी न हो. पक्का करें कि फ़ाइल किसी स्टेबल यूआरएल पर उपलब्ध हो.

स्ट्रक्चर्ड डेटा उपलब्ध कराना

अपने वीडियो के बारे में जानकारी देने वाला स्ट्रक्चर्ड डेटा दें, ताकि Google समझ सके कि वीडियो का विषय क्या है और मिलती-जुलती क्वेरी होने पर, वीडियो को खोज नतीजों में दिखा पाए. पक्का करें कि आप स्ट्रक्चर्ड डेटा में जो भी जानकारी दें वह वीडियो के असल कॉन्टेंट के मुताबिक हो. स्ट्रक्चर्ड डेटा जोड़ते समय, अपनी साइट के हर वीडियो के लिए खास थंबनेल, शीर्षक, और जानकारी का इस्तेमाल करें.

Google को वीडियो कॉन्टेंट वाली अपनी फ़ाइलें फ़ेच करने की अनुमति देना

हो सकता है कि कोई वीडियो पेज, इंडेक्स किया गया हो और उसे Google के खोज नतीजों में दिखने की मंज़ूरी हो, लेकिन Google को वीडियो कॉन्टेंट समझने के साथ-साथ वीडियो की झलक और खास पल जैसी सुविधाएं चालू करने के लिए, वीडियो फ़ाइल खुद ही फ़ेच करनी होगी.

Google को वीडियो कॉन्टेंट वाली अपनी फ़ाइलें फ़ेच करने की अनुमति देने के लिए, यहां दिए गए सबसे सही तरीके अपनाएं:

  • स्ट्रक्चर्ड डेटा का इस्तेमाल करके, काम करने वाले फ़ाइल फ़ॉर्मैट में contentURL वैल्यू दें.
  • Google को, वीडियो की स्ट्रीमिंग फ़ाइल की बाइट फ़ेच करने से ब्लॉक न करें. उदाहरण के लिए, वीडियो के यूआरएल या डोमेन को noindex टैग या robots.txt फ़ाइल से ब्लॉक न करें.
  • वीडियो को होस्ट करने वाले पेज और वीडियो को स्ट्रीम करने वाले सर्वर में इतनी बैंडविड्थ होनी चाहिए कि उसे क्रॉल किया जा सके. इसका मतलब है कि example.com/puppies.html के लैंडिंग पेज पर, अगर आपने somestreamingservice.com पर मौजूद कोई ऐसा वीडियो एम्बेड किया है जिसमें कुत्ते के बच्चे दिखाए गए हैं, तो ज़रूरी है कि Google, example.com और somestreamingservice.com को ऐक्सेस कर पाए. साथ ही, इनके लिए ऐसा सर्वर भी ज़रूरी है जिसमें वीडियो को लोड होने में समय न लगे.
  • वीडियो फ़ाइल किसी स्टेबल यूआरएल पर उपलब्ध होनी चाहिए.

वीडियो एन्कोडिंग करने वाले फ़ॉर्मैट

Google, इन वीडियो फ़ाइल टाइप को फ़ेच कर सकता है: 3GP, 3G2, ASF, AVI, DivX, M2V, M3U, M4V, MKV, MOV, MP4, MPEG, OGV, QVT, RAM, RM, VOB, WebM, WMV, XAP.

वीडियो और थंबनेल फ़ाइलों के लिए, स्टेबल यूआरएल इस्तेमाल करना

कुछ सीडीएन, वीडियो और थंबनेल फ़ाइलों के लिए ऐसे यूआरएल का इस्तेमाल करते हैं जिनकी समयसीमा जल्द ही खत्म होने वाली हो. ये यूआरएल, Google को आपके वीडियो को इंडेक्स करने या वीडियो फ़ाइलें फ़ेच करने से रोक सकते हैं.

हर वीडियो के लिए यूनीक और स्टेबल यूआरएल का इस्तेमाल करें. ऐसा करने से Google लगातार वीडियो ढूंढ पाता है और उन्हें प्रोसेस कर पाता है. साथ ही, Google इस बात की पुष्टि भी कर पाता है कि वीडियो अब भी उपलब्ध हैं और वीडियो से जुड़ी ऐसी जानकारी भी इकट्ठा कर पाता है जिससे वीडियो को समझने में मदद मिलती है.

अगर आप कॉन्टेंट ऐक्सेस करने वाले बैड ऐक्टर को लेकर परेशान हैं, तो आप अपने मीडिया यूआरएल का स्टेबल वर्शन दिखाने से पहले, ऑनलाइन या ऑफ़लाइन तौर पर Googlebot की पुष्टि कर सकते हैं.

कौनसा यूआरएल, किस तरह का है?

पेज पर मौजूद किसी वीडियो फ़ाइल के कई यूआरएल हो सकते हैं. उनमें से ज़्यादातर के बारे में यहां जानकारी दी गई है:

किसी पेज में दिए गए यूआरएल का डायग्राम
टैग जानकारी
1
  • <loc>
    (वीडियो साइटमैप वाला टैग)

वीडियो को होस्ट करने वाले पेज का यूआरएल. उदाहरण:

<loc>https://example.com/news/worlds-biggest-cat.html</loc>

2
  • VideoObject.embedUrl
    (स्ट्रक्चर्ड डेटा)
  • <video:player_loc>
    (वीडियो साइटमैप वाला टैग)
  • <iframe src="...">

कस्टम प्लेयर का यूआरएल. आम तौर पर, यह पेज पर <iframe> या <embed> टैग की src वैल्यू होता है. उदाहरण:

<video:player_loc>
https://archive.example.org/cats/1234</video:player_loc>

3
  • <video src="...">
    (एचटीएमएल टैग)
  • <embed src="...">
    (एचटीएमएल टैग)
  • <video:content_loc>
    (वीडियो साइटमैप वाला टैग)
  • VideoObject.contentUrl
    (स्ट्रक्चर्ड डेटा)

किसी लोकल साइट या स्ट्रीमिंग सेवा पर मौजूद मूल वीडियो फ़ाइल का यूआरएल. उदाहरण:

<video src="videos.example.com/cats/1234.mp4">

वीडियो से जुड़ी खास सुविधाएं चालू करना

वीडियो की झलक देखने की सुविधा

Google आपके वीडियो से कुछ सेकंड चुनकर एक मूविंग प्रीव्यू दिखाता है. इससे उपयोगकर्ताओं को यह समझने में मदद मिलती है कि वीडियो किस बारे में है. इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए, Google को आपका वीडियो फ़ेच करने की अनुमति दें. आप max-video-preview रोबोट मेटा टैग का इस्तेमाल करके, इन वीडियो की झलक दिखाने की ज़्यादा से ज़्यादा अवधि सेट कर सकते हैं.

खोज के नतीजों में वीडियो की झलक

खास पल

खास पलों की सुविधा की मदद से उपयोगकर्ता, वीडियो के एक सेगमेंट से दूसरे सेगमेंट पर उतनी ही आसानी से जा सकते हैं जैसे कि किसी किताब के चैप्टर पलट रहे हों. इस सुविधा की मदद से उपयोगकर्ता आपके वीडियो को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं. Google Search अपने-आप ही वीडियो में से खास पलों को चुनकर, उन्हें उपयोगकर्ताओं को दिखाता है. इसके लिए, आपको अलग से कोई मेहनत नहीं करनी पड़ती है. इसके अलावा, आप Google को अपने वीडियो के अहम सेगमेंट के बारे में मैन्युअल तौर पर भी बता सकते हैं.

  • अगर वीडियो को आपके वेब पेज पर होस्ट किया गया है, तो आप दो तरीकों से खास पलों की सुविधा चालू कर सकते हैं:
    • Clip स्ट्रक्चर्ड डेटा: हर सेगमेंट के शुरू और खत्म होने का सटीक समय बताएं. साथ ही, हर सेगमेंट पर दिखने वाले लेबल की जानकारी भी दें.
    • SeekToAction स्ट्रक्चर्ड डेटा: Google को बताएं कि आम तौर पर आपके यूआरएल में टाइमस्टैंप कहां दिखते हैं. इससे, Google अपने-आप खास पलों वाले सेगमेंट को पहचानकर, उपयोगकर्ताओं को उन सेगमेंट के शुरू और खत्म होने के सटीक समय के बारे में जानकारी दे सकता है.
  • अगर आपका वीडियो YouTube पर होस्ट किया गया है, तो आप YouTube पर मौजूद वीडियो के ब्यौरे में, टाइमस्टैंप और लेबल की सटीक जानकारी दे सकते हैं. YouTube पर वीडियो के ब्यौरे में टाइमस्टैंप मार्क करने के सबसे सही तरीके देखें.

खास पलों की सुविधा से पूरी तरह ऑप्ट-आउट करने के लिए, nosnippet मेटा टैग का इस्तेमाल करें. ऐसा करने से, Google आपके वीडियो के खास पलों को अपने-आप नहीं दिखाएगा.

खोज के नतीजों में खास पलों वाला वीडियो

लाइव बैज

लाइव स्ट्रीम किए जा रहे वीडियो, खोज नतीजों में दिखाने के लिए, आप लाल रंग का "लाइव" बैज चालू कर सकते हैं. ऐसा करने के लिए, BroadcastEvent स्ट्रक्चर्ड डेटा और इंडेक्सिंग एपीआई का इस्तेमाल करें.

खोज के नतीजों में लाइव बैज वाला वीडियो

अपने वीडियो हटाना या उन पर पाबंदी लगाना

खोज के नतीजों से वीडियो हटाना

अपनी साइट से वीडियो हटाने के लिए, इनमें से कोई एक तरीका अपनाएं:

  • किसी ऐसे लैंडिंग पेज के लिए एचटीटीपी स्टेटस कोड के तौर पर 404 (Not found) गड़बड़ी दिखाएं जिसमें ऐसा वीडियो है जिसे हटा दिया गया है या जो अब देखने के लिए उपलब्ध नहीं है. 404 रिस्पॉन्स कोड के साथ, आप पेज का एचटीएमएल कोड भी दिखा सकते हैं, ताकि ज़्यादातर उपयोगकर्ताओं को वह बदलाव दिख सके.
  • किसी ऐसे लैंडिंग पेज पर noindex रोबोट मेटा टैग शामिल करें जिसमें कोई ऐसा वीडियो शामिल हो जिसे हटा दिया गया है या जो अब देखने के लिए उपलब्ध नहीं है. यह उस लैंडिंग पेज को इंडेक्स किए जाने से रोकता है.
  • schema.org वाले स्ट्रक्चर्ड डेटा ( expires प्रॉपर्टी) या वीडियो साइटमैप (<video:expiration_date> एलिमेंट इस्तेमाल करके) में वह तारीख बताएं, जब तक वीडियो देखने के लिए उपलब्ध रहेगा. यहां एक ऐसे वीडियो के साइटमैप का उदाहरण दिया गया है जो नवंबर 2009 तक उपलब्ध था:
    <urlset xmlns="http://www.sitemaps.org/schemas/sitemap/0.9"
            xmlns:video="http://www.google.com/schemas/sitemap-video/1.1">
      <url>
        <loc>http://www.example.com/videos/some_video_landing_page.html</loc>
        <video:video>
          <video:thumbnail_loc>
             http://www.example.com/thumbs/123.jpg
          </video:thumbnail_loc>
          <video:title>
             Grilling steaks for summer
          </video:title>
          <video:description>
             Bob shows you how to grill steaks perfectly every time
          </video:description>
          <video:player_loc>
              http://www.example.com/videoplayer?video=123
          </video:player_loc>
          <video:expiration_date>2009-11-05T19:20:30+08:00</video:expiration_date>
        </video:video>
      </url>
    </urlset>

अगर क्रॉल करते हुए Google को कोई ऐसा वीडियो मिलता है जिसे देखने की आखिरी तारीख बीत चुकी है, तो हम उस वीडियो को किसी भी खोज नतीजे में शामिल नहीं करेंगे. लैंडिंग पेज को अब भी वीडियो थंबनेल के बिना, वेब नतीजे में दिखाया जा सकता है. इन तारीखों में, साइटमैप, स्ट्रक्चर्ड डेटा, और साइट के हेडर में मौजूद मेटा टैग में दी गई, वीडियो को देखने की आखिरी तारीखें शामिल हैं. पक्का करें कि हर वीडियो को देखने की आखिरी तारीख सही हो. यह तरीका खासकर तब कारगर होता है, जब आपका वीडियो, देखने की आखिरी तारीख खत्म होने के बाद उपलब्ध न रहे. हालांकि, कई बार लोग किसी उपलब्ध वीडियो के लिए आखिरी तारीख की जगह, गलती से पहले की कोई तारीख डाल देते हैं. अगर आप चाहते हैं कि कोई वीडियो देखने के लिए हमेशा उपलब्ध रहे, तो उसमें देखने की आखिरी तारीख शामिल न करें.

उपयोगकर्ता की जगह की जानकारी के हिसाब से, किसी वीडियो पर पाबंदी लगाना

आप उपयोगकर्ताओं की जगह के हिसाब से, उनकी खोज के नतीजों में अपने वीडियो दिखा सकते हैं. अगर आपके वीडियो पर किसी देश से जुड़ी पाबंदी नहीं लगी है, तो आपको देश से जुड़ी पाबंदी लगाने वाले टैग इस्तेमाल नहीं करने चाहिए.

स्ट्रक्चर्ड डेटा का इस्तेमाल करके, वीडियो पर पाबंदी लगाना

अगर आप किसी वीडियो की जानकारी देने के लिए VideoObject स्ट्रक्चर्ड डेटा का इस्तेमाल करते हैं, तो regionsAllowed प्रापर्टी सेट अप करें. इससे, आप यह तय कर सकते हैं कि किन जगहों के खोज नतीजों में वह वीडियो दिखाया जा सकता है. अगर आप इस प्रॉपर्टी का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो वीडियो सभी जगहों पर खोज नतीजों में दिखेगा.

वीडियो साइटमैप का इस्तेमाल करके, वीडियो पर पाबंदी लगाना

चुनिंदा देशों में वीडियो को खोज नतीजों में दिखाने या न दिखाने के लिए, वीडियो साइटमैप में <video:restriction> टैग इस्तेमाल किया जा सकता है. हर वीडियो के लिए सिर्फ़ एक <video:restriction> टैग इस्तेमाल किया जा सकता है.

<video:restriction> टैग में एक या एक से ज़्यादा देशों के कोड, ISO 3166 फ़ॉर्मैट में होने चाहिए. इनके बीच में खाली जगह देकर, इन्हें अलग-अलग लिखा जाना चाहिए. टैग के लिए ज़रूरी relationship एट्रिब्यूट यह बताता है कि किस तरह की पाबंदी लगाई गई है.

  • relationship="allow": वीडियो तय किए गए चुनिंदा देशों में ही दिख सकता है. अगर कोई भी देश तय नहीं किया गया है, तो वीडियो कहीं भी नहीं दिखेगा.
  • relationship="deny": तय किए गए चुनिंदा देशों के अलावा, वीडियो बाकी सभी देशों में दिख सकता है. अगर कोई भी देश तय नहीं किया गया है, तो वीडियो सभी देशों में दिखेगा.

वीडियो साइटमैप के इस उदाहरण में, वीडियो सिर्फ़ कनाडा और मेक्सिको के खोज नतीजों में दिखेगा.

<url>
  <loc>http://www.example.com/videos/some_video_landing_page.html</loc>
  <video:video>
    <video:thumbnail_loc>
           http://www.example.com/thumbs/123.jpg
    </video:thumbnail_loc>
    <video:title>Grilling steaks for summer</video:title>
    <video:description>
        Bob shows you how to get perfectly done steaks every time
    </video:description>
    <video:player_loc>
          http://www.example.com/player?video=123
    </video:player_loc>
    <video:restriction relationship="allow">ca mx</video:restriction>
  </video:video>
</url>

सेफ़ सर्च, Google उपयोगकर्ता के खाते में मौजूद एक सेटिंग है. इससे यह तय होता है कि Google Search के खोज नतीजों में, अश्लील इमेज, वीडियो, और वेबसाइटों के दिखने पर रोक लगेगी या नहीं. पक्का करें कि Google यह समझता हो कि आपका वीडियो किस तरह का है, ताकि वह आपके वीडियो पर सेफ़ सर्च की सेटिंग लागू कर सके.

सिर्फ़ वयस्कों के लिए बनाए गए वीडियो को एक ही यूआरएल में रखना

अगर आपकी साइट पर वयस्कों के लिए बने वीडियो हैं, तो हमारा सुझाव है कि आप इन्हें अपनी साइट के अन्य वीडियो से अलग रखें. उदाहरण के लिए: http//www.example.com/adult/video.mp4.

वयस्कों के लिए बनाए गए पेजों में मेटाडेटा जोड़ना

जब उपयोगकर्ता का सेफ़ सर्च फ़िल्टर चालू होता है, तो हमारे एल्गोरिदम कई तरह के सिग्नल का इस्तेमाल करके यह तय करते हैं कि किसी वीडियो या पूरे पेज को, खोज के नतीजों में दिखाया जाना चाहिए या नहीं. वीडियो के मामले में, इनमें से कुछ सिग्नल, मशीन लर्निंग से जनरेट होते हैं. हालांकि, सेफ़ सर्च एल्गोरिदम कुछ दूसरी चीज़ों पर भी ध्यान देता है, जैसे कि वीडियो को पहले कहां और किस कॉन्टेक्स्ट (संदर्भ) में इस्तेमाल किया गया था.

सबसे अच्छा सिग्नल है, वयस्कों के लिए बनाए गए पेज को खुद मार्क करना. अगर आप वयस्कों के लिए बनाए गए कॉन्टेंट को प्रकाशित करते हैं, तो हमारा सुझाव है कि आप अपने पेजों पर इन मेटा टैग में से किसी एक को जोड़ें:

<meta name="rating" content="adult" />
<meta name="rating" content="RTA-5042-1996-1400-1577-RTA" />

ऐसे कई उपयोगकर्ता हैं जो नहीं चाहते कि जब वह कुछ खोज रहे हों, तब खोज के नतीजों में वयस्क कॉन्टेंट दिखे. खास तौर पर तब, जब बच्चे भी वही डिवाइस इस्तेमाल करते हों. जब आप इनमें से कोई एक मेटा टैग देते हैं, तो उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव मिलता है, क्योंकि उन्हें ऐसे कोई नतीजे नहीं दिखते जिसे वे नहीं देखना चाहते या जिसे देखने की उम्मीद नहीं करते.