Google Assistant की कार्रवाइयाँ कैसे बनाई जाती हैं

Google, Actions on Google प्लैटफ़ॉर्म पर, अपने डेवलपर और तीसरे पक्ष के डेवलपर को Google Assistant के लिए, कार्रवाइयाँ तैयार करने की मंज़ूरी देता है। वे सभी डेवलपर जो Actions on Google के साथ जुड़ना चाहते हैं उनके लिए, लागू होने वाली शर्तों और नीतियों से सहमत होना ज़रूरी है। Google Assistant के लिए बनी सभी कार्रवाइयों के प्रकाशित होने से पहले, उनकी नीतियों की समीक्षा की जाती है।

हम डेवलपर को टूल और दूसरी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए लगातार निवेश कर रहे हैं, जिससे उपयोगकर्ताओं को Assistant से मदद मिल सके और वे इससे जुड़ाव महसूस करें। सभी डेवलपर को हमारे तकनीकी दस्तावेज़ों का ऐक्सेस दिया गया है, ताकि वे Assistant पर उपयोगकर्ताओं के लिए अलग-अलग तरह के अनुभव डेवलप करने का तरीक़ा जान सकें। डेवलपर Actions कंसोल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जो टेस्ट और रिलीज़ मैनेजमेंट टूल, और कार्रवाइयों की समीक्षा करने की सेवा देता है। इससे, यह पक्का किया जाता है कि कार्रवाइयाँ नीति के दिशा-निर्देशों का पालन कर रही हैं। इसके अलावा, परफ़ॉर्मेंस के आँकड़े देखने और Google की क्लाउड सेवाओं से जुड़ने के लिए भी 'Actions कंसोल' का इस्तेमाल किया जा सकता है। हम डेवलपर को Google की टेक्नोलॉजी भी उपलब्ध कराते हैं, ताकि वे सबसे अहम कार्रवाइयाँ तैयार कर सकें। इनमें शामिल हैं, चीज़ें बेचने की सुविधाएँ, उनसे जुड़ी कार्रवाइयों का प्रचार करना, और उपयोगकर्ताओं को मौजूदा खाता जानकारी से जोड़ना।

कार्रवाइयाँ बनाने वाले Google के डेवलपर और कुछ दूसरे डेवलपर को ऐसे संसाधनों और डेटा का ऐक्सेस मिल सकता है जो बाक़ी डेवलपर के पास उपलब्ध न हों। ऐसा होने की वजहें हैं, क़ानूनी और निजता से जुड़ी चिंताएँ, बड़े पैमाने पर ऐक्सेस दिए जाने का जोखिम, और Google की मालिकाना हक़ वाली गोपनीय जानकारी और कारोबार की सुरक्षा से जुड़ी सोच। उदाहरण के लिए, हम कभी-कभी Assistant की टेक्नोलॉजी का नया वर्शन शुरुआती उपभोक्ता पार्टनर को उपलब्ध कराते हैं, ताकि इसकी जाँच की जा सके और फ़ीडबैक लिया जा सके। इसके पीछे एक ही मक़सद होता है कि उस टेक्नोलॉजी को बाक़ी के डेवलपर समुदाय तक पहुँचाया जाए। हम उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव देने के लिए, तीसरे पक्ष के पार्टनर और Google के डेवलपर के साथ मिलकर, Assistant पर पसंद के मुताबिक़ बनाई गई कार्रवाइयों को जोड़ने का काम भी कर सकते हैं। यह ऐसा समाधान तैयार करने की दिशा में पहला क़दम है जिसे सभी डेवलपर इस्तेमाल कर सकते हैं।

डेटा का ऐक्सेस

Assistant से इंटरैक्ट करते समय, उपयोगकर्ता अपनी निजी जानकारी को लेकर Google पर भरोसा करते हैं। हम इस भरोसे को बनाए रखने के लिए काफ़ी मेहनत करते हैं। हालाँकि, हम डेवलपर के साथ काम का डेटा शेयर करते हैं, ताकि वे Assistant इस्तेमाल करने वालों को बेहतर अनुभव दे सकें, उनकी पहुँच बढ़ा सकें, और उनका रखरखाव कर सकें। ऐसा करते समय, हम अपनी निजता नीति का ध्यान रखते हैं और अपने उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी किसी को नहीं बेचते। उदाहरण के लिए, हम डेवलपर के साथ ये जानकारी शेयर कर सकते हैं:

  • ऐसी जानकारी जिनसे उपयोगकर्ताओं की पहचान नहीं की जा सकती, जैसे कि:
    • डेवलपर की बनाई कार्रवाइयों को उपयोगकर्ता कैसे इस्तेमाल करते हैं, इस बारे में इकट्ठा किया गया डेटा, जिसमें उपयोगकर्ता की पहचान छिपाई गई है। उदाहरण के लिए, Actions on Google के डेवलपर, Actions कंसोल के ज़रिए आँकड़े देख सकते हैं।
    • ऐसी दूसरी जानकारी जिनसे उपयोगकर्ताओं की पहचान ज़ाहिर नहीं होती, लेकिन ये डेवलपर के काम आ सकती हैं। उदाहरण के लिए, डिवाइस किस तरह का है और उसकी क्षमताएँ, स्थान-भाषा, और समय क्षेत्र की जानकारी।
  • अगर कोई उपयोगकर्ता, Assistant पर डेवलपर की कार्रवाई का इस्तेमाल करता है, तो हम इससे जुड़ी जानकारी डेवलपर के साथ शेयर कर सकते हैं, जैसे कि:
    • किसी उपयोगकर्ता के अनुरोध या उसके इरादे या तर्कों की ट्रांसक्रिप्ट, जो सिस्टम से जनरेट की गई है। उदाहरण के लिए, जब कोई उपयोगकर्ता किसी तीसरे पक्ष की कार्रवाई का इस्तेमाल करता है, तो Assistant उसके अनुरोध के ट्रांसक्रिप्शन को उस डेवलपर को भेजती है जिसने कार्रवाई को बनाया है। ऐसा इसलिए किया जाता है, ताकि डेवलपर अनुरोध का जवाब दे सके।
    • उपयोगकर्ता का अनुरोध पूरा करने के लिए, Assistant उसके ईमेल पते, नाम, जगह की जानकारी, फ़ोन नंबर या क्रेडिट/डेबिट कार्ड की जानकारी जैसे निजी ब्यौरे शेयर कर सकती है। हालाँकि, इसके लिए उपयोगकर्ता से अनुमति लेना ज़रूरी है। उदाहरण के लिए, वेब पर कोई फ़ॉर्म भरने, खाना ऑर्डर करने या रेस्टोरेंट की बुकिंग करने का अनुरोध।
    • जब उपयोगकर्ता अपने Google खाते से किसी डेवलपर के ऐप्लिकेशन या डिवाइस वाले अपने खाते को जोड़ते हैं, तो हम उपयोगकर्ता के नाम, ईमेल पते या प्रोफ़ाइल फ़ोटो जैसी सामान्य खाता जानकारी, डेवलपर के साथ शेयर करते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है, ताकि खाता जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

उपयोगकर्ता के अनुरोधों को पूरा करने और Assistant के साथ जुड़ने के लिए, डेवलपर भी Google के साथ कुछ डेटा शेयर करते हैं। इसमें शामिल हैं:

  • उपयोगकर्ता खातों से जुड़ने के बारे में जानकारी। इससे, उपयोगकर्ता अपने खाते से तीसरे पक्ष की सुविधाओं, जैसे कि कार्रवाइयाँ, मीडिया, स्मार्ट होम, और उत्पादकता से जुड़ी सेवाओं का इस्तेमाल Assistant के ज़रिए कर सकते हैं।
  • कॉन्टेंट और डेटा लाइब्रेरी। इससे, Assistant को डेवलपर की सेवा के ज़रिए, उपयोगकर्ता के अनुरोधों को पूरा करने में मदद मिलती है। उदाहरण के लिए, मीडिया से जुड़ी सेवाएँ देने वाली कुछ कंपनियाँ, Google को अपना मीडिया कैटलॉग इंडेक्स करने की अनुमति देती हैं। इससे, उपयोगकर्ता Assistant का इस्तेमाल करके, वीडियो या ऑडियो चला सकते हैं। ये कंपनियाँ, अपना खाता जोड़ने वाले उपयोगकर्ताओं की मीडिया प्लेलिस्ट भी शेयर कर सकती हैं। इससे, ये उपयोगकर्ता अपनी प्लेलिस्ट चलाने के लिए, Assistant से कह सकते हैं।
  • उपयोगकर्ताओं के साथ जुड़ने के लिए, Actions on Google के डेवलपर, Google के साथ डेटा शेयर करते हैं। उदाहरण के लिए, डेवलपर यह बता सकते हैं कि हर उपयोगकर्ता या हर परिवार के डेटा स्टोर में किस तरह का डेटा स्टोर किया जाता है, जिसे उपयोगकर्ता रीसेट कर सकते हैं। इससे, आगे की कार्रवाइयों के दौरान उपयोगकर्ता या परिवार की जानकारी मौजूद रहती है। उपयोगकर्ता के अनुरोधों का जवाब देने के लिए, डेवलपर कार्रवाइयाँ पूरी होने की जानकारी भी देते हैं।
  • Assistant की सुविधा वाले स्पीकर और टीवी जैसे तीसरे पक्ष के डिवाइस, उपयोगकर्ता की Assistant से पूछी गई क्वेरी और इनसे मिलते-जुलते डेटा को Google के साथ शेयर करते हैं। इससे, उपयोगकर्ता उस डिवाइस के ज़रिए Assistant का इस्तेमाल कर सकते हैं।